अलीगढ़लीक्स … विगत 28 जून को सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसएलपी खारिज करने के साथ ही लगभग 24 साल से चल रहा जामिया उर्दू का प्रबन्धकीय विवाद समाप्त हो गया, इस बाबत ओएसडी फरहत अली खान के निर्देशन में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन अलीगढ़ प्रैस क्लब पर किया गया। पत्रकार वार्ता में जामिया उर्दू अलीगढ़ के ओएसडी फरहत अली खान ने बताया कि जामिया उर्दू अलीगढ़ का प्रबन्धकीय विवाद पिछले लगभग 24 वर्षो से हाई कोर्ट इलाहाबाद में चला आ रहा था।
जिसमें अब तक लगभग 30 रिटों का निस्तारण किया गया, इसी बीच कई क्रिमनल मुकद्दमे भी मौ0 उसमान के खिलाफ दर्ज किये गये। इन मुकद्दमो में इनके खिलाफ चार्जशीट लगी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के अनुपालन में उपनिबन्धक फर्मस चिट्स एण्ड आगरा/निर्वाचन अधिकारी ने सदस्यता सम्बन्धी आदेश मौ0 उसमान खान व अन्य की आपत्तियों के निस्तारण के बाद इनके खिलाफ पारित किया तथा 9 फरवरी 2009 को चुनाव कराया गया।
इसको मौ0 उसमान खान जियाउद्दीन खैरूवाला द्वारा रिट में चुनौती दी थी जो 26 मार्च 2019 को खारिज की गई, इस आदेश खिलाफ मौ उसमान खान व जियाउद्दीन खैरूवाला द्वारा स्पेशल अपील योजित की गई। मौ0 उसमान खान व जियाद्दीन खैरूवाला की स्पेशल अपील 11 फरवरी 2020 को खारिज कर दिया गया। इस आदेश को चुनौती देते हुऐ मौ0 उसमान खान व रफत शेरवानी द्वारा दो एसएलपी योजित की गई। इन दोनों एसएलपी को विगत 28 जून 2021 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज करके 24 साल बाद जामिया उर्दू प्रबन्धकीय विवाद समाप्त कर दिया। जामिया उर्दू के विकास के द्वार खोल दिये हैं, क्योंकि जामिया उर्दू लम्बे अर्से से इन विवादों में ही उलझा हुआ था।
पत्रकार वार्ता में कुलपति मुसाईद किदवई, रजिस्ट्रार शमन रज़ा नकवी, कंट्रोलर रिज़वान अली खान, डिप्टी रजिस्ट्रार रघुराज सिंह, डाइरेक्टर फहाद अली उपस्थित थे।