नई दिल्लीलीक्स…तीनों सेना प्रमुखों का ऐलान—नहीं वापस होगी अग्निपथ योजना. जून के अंतिम सप्ताह से शुरू हो जाएगी वायुसेना, नौसेना और थलसेना में भर्ती. प्वाइंट्स में बताया क्या मिलेगा अग्निवीरों को फायदा…
केंद्र सरकार द्वारा सेना में भर्ती को लेकर लागू की गई अग्निपथ योजना को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. ट्रेनों से लेकर वाहनेां में आगजनी, पथराव व विरोध प्रदर्शन आज भी जारी है, इसके बावजूद तीनों सेना प्रमुखों ने ऐलान किया है कि किसी भी सूरत में अग्निपथ योजना वापस नहीं ली जाएगी. रविवार को तीनों सेना प्रमुखों ने प्रेस कांफ्रेंस की और इस योजना को लेकर अपनी पूरी जानकारी दी.

उपद्रवी नहीं बन सकेंगे अग्निवीर
लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि उपद्रवी किसी भी हालत में अग्निवीर नहीं बन सकेंगे. अग्निवीर बनने के लिए आवेदन करने वाले हर उम्मीदवार को प्रमाण पत्र देना होगा कि वह विरोध, आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा का हिस्सा नहीं था. पुलिस सत्यापन 100 प्रतिशत है, उसके बिना कोई भी शामिल नहीं हो सकता है. यदि किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है तो वे भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल नहीं हो सकते.
इसी सप्ताह से शुरू हो जाएंगी भर्तियां
थल सेना में भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से शुरू हो जाएगी. एयर मार्शल एसके झा ने बताया कि भारतीय वायुसेना में 24 जून से अग्निवीरेां के पहले बैच को लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. यह एक आनलाइन ससिस्टम है. उसी के तहत उस पर रजिस्ट्रेशन शुरू होगा. एक महीने बाद 24 जुलाई से फेज 1 आनलाइन परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी. वहीं नौसोना के वाइस एडमिरल डीके त्रिपाठी ने कहा कि हमने भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है. 25 जून तक हमारी एडवरटाइजमेंट सूचना और प्रसारण मंत्रालय में पहुंच जाएगा. एक महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. 21 नवंबर को हमारे पहले अग्निवीर हमारे ट्रेनिंग संस्थान में रिपोर्ट करेंगे.
प्वाइंट्स में बताया अग्निवीरों को क्या मिलेंगी सुविधाएं
- अग्निवीर को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में वही भत्ता और सुविधाएं मिलेंगी जो वर्तमान में नियमित सैनिकों पर लागू हैं. सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा.
- निकट भविष्य में अग्निवीर की संख्या 1.25 लाख हो जाएगी और 46 हजार पर नहीं रहेगी जो कि वर्तमान आंकड़ा है.
- सेना ने साफ किया है कि दो साल पहले नियमित सेना में भर्ती के लिए मेडिकल परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा मेडिकल परीक्षा से गुजरना पड़ेगा.
- अग्निवीरों की उम्र सीमा 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दी है.
- देश की सेवा में बलिदान देने वाले अग्निवीरों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा.
- भारतीय नौसेना के पहले नौसैनिक अग्निवीर बैच में महिला और पुरुष दोनेां अग्निवीरों को जाने की अनुमति होगी. अग्निपथ योजना के तहत महिलाओं की भी भर्ती होगी जिन्हें युद्धपोतों पर भी तैनात किया जाएगा.