आगरालीक्स…(25 November 2021 Agra News) एक जनवरी से रेडिमेड कपड़े, टेक्सटाइल और जूते महंगे हो रहे हैं. सरकार ने इन पर जीएसटी बढ़ा दी है. इसको लेकर आगरा के व्यापारियों में रोष है. अब जताएंगे विरोध
एक जनवरी से लागू हो जाएंगी बढ़ी हुई दरें
देश में इस समय महंगाई चरम पर है. खाने पीने से लेकर पेट्रोल डीजल के दाम भी आसमान छू रहे हैं. अब सरकार ने रेडिमेड कपड़ों, टेक्सटाइल और फुटवियर को भी महंगा कर दिया है. नई दरे एक जनवरी 2022 से लागू हो जाएंगी. सरकार ने इन सभी आइटमों के फिनिस्ट प्रोडक्ट पर जीएसटी 12 फीसदी कर दी है जो कि पहले केवल 5 फीसदी थी. इसके साथ ही किसी भी मूल्य के बने बनाए कपड़े पर जीएसटी की दरें भी 12 फीसदी हो जाएगी. इसके पहले 1000 रुपये से ज्यादा मूल्य के कपड़ों पर 5 फीसदी जीएसटी लगाया जाता था. इसके अलावा टेक्सटाइज जैसे बुने हुए कपड़े, सेन्थेटिक यार्न, पाइल फैब्रिक्स, ब्लैंकेट्स, टेंट, टेबल क्लॉथ जैसे दूसरे टेक्सटाइल पर भी जीएसटी 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दी गई है. वहीं किसी भी मूल्य के फुटवेयर पर भी जीएसटी 12 फीसदी कर दी गई है. पहले एक हजार रुपये से ज्यादाके फुटवेयर पर 5 फीसदी जीएसटी की दर थी.

मुुंबई में हुई व्यापारियेां की बैठक
1 जनवरी 2022 से टेक्सटाइल और गारमेंट में आने वाले GST के बदलाव के विषय में चर्चा करने के लिए मुंबई में भारत के कई राज्यों से एसोसिएशन के प्रतिनिधि इस विषय पर चर्चा करने के लिए इकट्ठा हुए. सभी एसोसिएशन ने एक मत से यह तय किया कि जीएसटी में बदलाव न हो इसके लिए एक ग्रुप का गठन होगा और यह ग्रुप सरकार में हमारे उद्योग का पक्ष रखेंगे और अलग-अलग तरीके भी तय किए, जिसके द्वारा हम अपनी बात सरकार तक पहुंच जाएंगे.
इस संबंध में आगरा के आगरा रेडीमेड गर्मेंट्स ट्रेडर्ज़ एंड मैन्युफ़ैक्चरर एसो० के अध्यक्ष आरके नय्यर का कहना है कि समस्त रेडीमेड ट्रेड से जुड़े परिवार से अपने कारोबार को बचाने के लिए अपना विरोध दर्ज करवाने की अपील एसोसिएशन द्वारा की गई है. व्यापार के हालात सबके सामने है. उन्होंने कहा कि ये 7% की वृद्धि बहुत घातक सिद्ध होने वाली है. इस संबंध में वस्त्र मंत्रालय, वित मंत्री ओर प्रधान मंत्री को अपनी बात पहुंचाने को शीघ्र हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और अपना विरोध उन तक पहुँचाने का प्रयास किया जायेगा.
