आगरालीक्स ..आगरा के प्रतिष्ठित आगरा कॉलेज में अब आवास को लेकर प्राचार्य और पूर्व प्राचार्य आमने सामने आ गए हैं। एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, विवाद गर्माने पर मामला बढ सकता है। पूर्व प्राचार्य दो महीने तक आवास में रहना चाहते हैं और कार्यवाहक प्राचार्य को आवास में शिफ्ट होने की जल्दी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनोज रावत की नियुक्ति 15 जुलाई को रद कर दी गई थी, उन्होंने 10 अगस्त को डॉ एके गुप्ता को चार्ज दे दिया। इसका विरोध होने के बाद अगले ही दिन नरेंद्र सिंह को कार्यवाहक प्राचार्य बना दिया गया, नरेंद्र सिंह राजा की मंडी स्थित सांई मंदिर के बगल में शिक्षक आवास में रह रहे हैं। जबकि पूर्व प्राचार्य डॉ मनोज रावत अभी प्राचार्य आवास में ही हैं, उन्हें आवास खाली करने के लएि नोटिस दिया गया, इस पर उन्होंने जवाब में कहा कि उनके अपने आवास की मरम्मत हो रही है, इसलिए उन्हें आवास में दो महीने रहने दिया जाए, इसके लिए वे किराया देने के लिए भी तैयार हैं।
ताला तोडने और अभद्रता करने के आरोप
सोमवार दोपहर में कार्यवाहक प्राचार्य नरेंद्र सिंह अपने समर्थकों के साथ महिला विंग से होते हुए प्राचार्य आवास पर पहुंचे, आरोप है कि उन्होंने गेट पर लगे ताले को तोडने की कोशिश की। इसकी जानकारी होने पर डॉ मनोज रावत की पत्नी डॉ दीपा रावत आ गई, वह आगरा कॉलेज में टीचर हैं, उन्होंने विरोध किया तो अभद्रता की, इसके बाद से मामला गर्माता चला गया। दोनों गुटों के समर्थक शिक्षक आ गए।
सैलरी भी रोकी गई
डॉ मनोज रावत की सैलरी भी रोक दी गई है, अब उन्हें पूर्व में की गई तैनाती से सैलरी मिलनी है। लेकिन इसका निर्धारण नहीं हो सका है। इसके चलते उनकी सैलरी भी रोक दी गई है, इससे कॉलेज में राजनीति शुरू हो गई है, एक दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं।
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