आगरालीक्स… आगरा की जनसंख्या करीब 52 लाख है, इसमें से अभी तक 29 हजार लोगों की कोरोना की जांच हुई है। इसमें 4.72 प्रतिशत पॉजिटिव मिले हैं।
आगरा में मार्च में कोरोना के केस मिलने शुरू हुए, इसके साथ ही संदिग्ध लोगों की जांच होने लगी। अप्रैल में दिल्ली से आए मरकज के जमातियों के साथ ही श्री पारस हॉस्पिटल, भगवान टॉकीज में कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती रहने से मरीजों की संख्या तेजी से बढने लगी, मई में भी लगातार नए केस मिले और म्रतकों की संख्या बढ गई। जून में कोरोना के केस कम आए लेकिन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत होती रही।
29432 लोगों के सैंपल की जांच, 1388 पॉजिटिव
जुलाई में सैंपल जांच की संख्या बढी है साथ ही कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ रही है। मार्च से जुलाई तक 29432 लोगों के सैंपल की जांच की जा चुकी है, इसमें से 1388 पॉजिटिव केस मिल हैं, इस लिहाज से आगरा में जितने लोगों के सैंपल की जांच की है, उसमें से 4.72 प्रतिशत पॉजिटिव मिले हैं।
सैंपल की संख्या बढने से केस बढेंगे, अगस्त में बिगड सकते हैं हालात
देश भर में जुलाई के बाद अगस्त में कोरोना के केस बढने की आशंका जताई जा रही है, यही हाल आगरा का रहा तो जुलाई के बाद अगस्त में भी तेजी से केस बढेंगे। ऐसे में कोरोना की जांच के लिए सैंपल अधिक लिए गए तो केस भी तेजी से बढ जाएंगे।
इंतजाम करने में जुटा प्रशासन
कोरोना के केस बढने पर मरीजों को भर्ती करने के लिए जिला प्रशासन इंतजाम कर रहा है, एसएन मेेडिकल कॉलेज में 100 बेड का एक और आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है, सरकारी अस्पताल में 200 बेड के आइसोलेशन वार्ड के साथ ही सीएचसी भी आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। कुछ निजी अस्पतालों को कोविड मरीजों का इलाज करने की अनुमति दी गई है, जिन मरीजों में लक्षण नहीं है उनके लिए हिंदुस्तान कॉलेज में इंतजाम किए गए हैं। इस समय कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती करने के लिए 2241 बेड हैं।