आगरालीक्स….वीडियो देखें, आगरा में नकली दवा के गिरोह का कनेक्शन साउथ के दवा माफियाओं से निकला। दुकान और गोदामों में करोड़ों की दवाएं।
आगरा में एसटीएफ और ड्रग डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को फव्वारा बाजार स्थित बंसल मेडिकल और हे मां मेडिको पर छापा मारा था, रात में दुकान और दोनों के गोदाम सील कर दिए थे। इसी दौरान टीम को 87 लाख रुपये की एंटी एलर्जिक दवाएं भी फव्वारा दवा बाजार में आटो में मिली थी जिन्हें बंसल मेडिकल पर उतारा जाना था। शनिवार को टीम ने पहले हे मां मेडिको के मोती कटरा गोदाम पर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान संचालक हिमांशु अग्रवाल ने एक करोड़ रुपये देकर नकली दवा गोदाम से हटाने की पेशकश की। सहायक औषधि आयुक्त नरेश मोहन दीपक ने बताया कि एसटीएफ इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा ने अधिकारियों से बात की इसके बाद प्लानिंग कर हिमांशु अग्रवाल को एक करोड़ रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ लिया गया। साउथ के दवा माफियाओं से निकला कनेक्शनजांच में हिमांशु अग्रवाल से पूछताछ के बाद पता चला है कि दक्षिण के दवा माफियाओं के साथ मिलकर नकली दवाएं तैयार कर बाजार में बेची जा रहीं थी। करोड़ों की दवाएं मंगाई जाती थी इन्हें उत्तर प्रदेश के कई शहरों के साथ ही कई राज्यों में बेचा जाता था।
करोड़ों की दवाएं गोदाम और दुकानों में भरी
एसटीएफ ने 3.50 करोड़ की नकली दवाएं जब्त कर ली हैं। गोदाम और दुकानों में करोड़ों की दवाएं भरी हुई हैं।
ऐसे खुला नकली दवा का खेल
पिछले कुछ सालों से एंटी एलर्जिक और एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री कई गुना बढ़ गई है इसके बाद भी दवा कंपनियों की सेल नहीं बढ़ रही थी। कंपनियों ने अपने स्तर से जांच कराई, इसमें नकली दवा तैयार करने की जानकारी हुई। इसकी शिकायत औषधि विभाग के मुख्यालय में की गई। मुख्यालय से औषधि विभाग और एसटीएफ की टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने 20 दिन तक जांच की, इसके बाद छापेमार कार्रवाई की, इसमें नकली दवा पकड़ी गई हैं।
29 हजार स्ट्रिप पर एक जैसा बार कोड
सेनोफी कंपनी के जीएम विवेक गौड़ ने बताया कि उनकी कंपनी द्वारा एंटी एलर्जिक ऐलेग्रा टैबलेट बनाई जाती है। 10 टैबलेट की एक स्ट्रिप होती है और हर स्ट्रिक पर अलग क्यूआर कोड का ब्योरा होता है। औषधि विभाग द्वारा 29 हजार से अधिक स्ट्रिप पकड़ी गई हैं, इन स्ट्रिप के जब क्यू आर कोड स्कैन किए गए तो सभी पर एक जैसा ब्योरा मिला है।