
गौरतलब है कि कुंदनिका शर्मा पर विहिप नेता अरुण माहौर की हत्या के बाद शोकसभा के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप था। उनके खिलाफ लोहामंडी में मामला दर्ज करवाया गया था। बीते 22 मार्च को कुंदनिका शर्मा को पुलिस ने बल्केश्वर स्थित उनके आवास से हिरासत में ले लिया गया था। हालांकि कोर्ट ने उसी दिन उनको अंतरिम जमानत दे दी थी और सुनवाई के लिए अगली तारीख दो अप्रैल की तारीख निश्चित की थी। इसी के तहत शनिवार को भारी समर्थकों के साथ कुंदनिका शर्मा दीवानी न्यायालय पहुंची और यहां उन्हें जमानत मिल गई। इस दौरान बल्केश्वर और कमला नगर के बाजार बंद रहे। कुंदनिका शर्मा को जमानत मिलने के बाद समर्थकों में हर्ष का माहौल छा गया।
ये है मामला
गुरुवार (25 फरवरी) को विहिप के महानगर उपाध्यक्ष अरुण माहौर की बीच बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रविवार (28 फरवरी) को जयपुर हाउस में शोक सभा आयोजित की गई। साध्वी प्राची के शोक सभा में शामिल होने से मामला गर्मा गया, लेकिन उन्हें मंच पर जगह नहीं दी गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शोक सभा में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ राम शंकर कठेरिया ने कहा कि ‘हमें खुद को ताकतवर बनाना होगा। जंग छेड़नी होगी। ऐसा नहीं किया तो कल दूसरा साथी भी खोना पड़ेगा।’ ‘ये हत्यारे चले ही जाएं, इस प्रकार की ताकत हमें दिखानी होगी।’ फतेहपुर से बीजेपी सांसद बाबू लाल भी शामिल हुए। स्पीच देने वालों ने कहा कि अरुण की मौत का बदला लिया जाएगा
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