आगरालीक्स आगरा में विश्व हृदय दिवस पर 172 साल में एसएन में पहली ओपन हार्ट सर्जरी की गई, रात 2 बजे सीटीवीएस डॉ. सुशील सिंघल ने मरीज के दिल को नियंत्रित रूप से रोककर हार्ट लंग मशीन का इस्तेमाल कर टीम के साथ सर्जरी की।
आगरा के भगवान टॉकीज की रहने वाली 58 साल की पार्वती को दो साल से सांस लेने में समस्या थी,कई अस्पतालों में उन्होंने दिखाया लेकिन कोई आराम नहीं मिला। इसके बाद एसएन की ओपीडी में दिखाया। एसएन के कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जन (सीटीवीएस) डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि जांच में मरीज के दिल में करीब 4 सेमी का बड़ा छेद (एएसडी) का पता चला। इसके साथ दिल के एक वाल्व में गंभीर लीकेज और फेफड़ों की धमनियों में अत्यधिक दबाव (पल्मोनरी हाइपरटेंशन) था। सांस की गंभीर तकलीफ के कारण मरीज को बार-बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा था।
हाई रिस्क कार्डियक सर्जरी रात दो बजे तक चली
सीटीवीएस डॉ.सुशील सिंघल ने अपनी टीम के साथ हाई रिस्क ओपन हार्ट सर्जरी की। सर्जरी के दौरान दिल को नियंत्रित रूप से रोककर हार्ट-लंग मशीन (कार्डियोपल्मोनरी बाईपास) की मदद ली गई। दिल के छेद को कृत्रिम पैच की सहायता से बंद किया गया तथा लीक कर रहे वाल्व की मरम्मत (वाल्व रिपेयर) की गई। सफल सर्जरी के बाद मरीज को हार्ट-लंग मशीन से सुरक्षित रूप से वापस लाया गया और दिल ने सामान्य रूप से कार्य करना शुरू किया। मरीज को वेंटिलेटर से भी सफलतापूर्वक हटा दिया गया, मरीज ठीक है। एसएन के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के अनुसार एसएन मेडिकल कॉलेज के इतिहास में पहली ओपन हार्ट सर्जरी हुई है। टीम में सीटीवीएस डॉ. सुशील सिंघल, डॉ. विमलेश एवं डॉ. चैतन्य शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. योगिता, डॉ. अपूर्व मित्तल, डॉ. अतिहार्ष, डॉ. दीपक एवं डॉ. दीपिका चौबे का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सीटीवीएस स्टाफ, ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन एवं परफ्यूजनिस्ट ने भी पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।