आगरालीक्स ..वीडियो देखें… आगरा के आराध्य ने योग साधान और राधारानी में अटूट आस्था के चलते हाथों के बल चलकर सात किलोमीटर की बरसाना परिक्रमा लगाई। अराध्य 50 मीटर हाथों के बल चल लेते हैं लेकिन बरसाना में पहुंचने के बाद जब उन्होंने हाथों के बल परिक्रमा लगाना शुरू किया तो सात किलोमीटर की परिक्रमा हाथों के बल चलकर पूरी कर दी।
आगरा के प्रतीक विहार फेज टू, सालासर बालाजी मंदिर, पश्चिमपुरी के रहने वाले कमलेश कुमार गुप्ता और सीमा गुप्ता के जुड़वा बेटा और बेटी हैं, बेटा आराध्य और बेटी आराध्या 13 वर्ष के हैं और बचपन से ही अपने योग साधना करते हैं, दोनों को 56 तरह के योग आसान का ज्ञान है। आराध्य अग्र हस्त चालन आसन के तहत हाथ के बल पर चलते हैं सामान्य तौर पर वे हाथ के बल 50 मीटर तक चल लेते हैं। गुरुवार को अराध्य ने हाथों के बल बरसाना की परिक्रमा शुरू की, राधे रानी के जयकारे गूंजने लगे, लोग कहने लगे कि देखों हाथन के बल कैसे परिक्रमा लगा रहो है, किसी को भरोसा नहीं हो रहा था कि हाथ के बल खड़ा होना मुश्किल होता है ऐसे में यह बच्चा कैसे सात किलोमीटर की बरसाना की परिक्रमा हाथ के बल चलकर पूरी कर देगा लेकिन अराध्य ने यह कर दिखाया। 50 किलोमीटर चलने के बाद हाथ के बल चलने के बाद ब्रेक लिया, इसके बाद दोबारा परिक्रमा शुरू कर दी इस तरह से हाथ के बल चलकर परिक्रमा पूरी की।
दादी को समर्पित की परिक्रमा, गिनजी बुक आफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज करना है नाम
अराध्य ने अपनी परिक्रमा अपनी दादी को समर्पित की जिनका देहांत हो चुका है। अराध्य हाथों के बल सबसे ज्यादा दूरी तक चलकर गिनजी बुक आफ वल्र्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करना चाहते हैं। अराध्य का हाथों के बल परिक्रमा लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है।
अग्र हस्त चालन आसान से मांसपेशियों होती हैं मजबूत
अग्र हस्त चालन योग का ही हिस्सा होता है इसमें हाथ के बल पर चलते हैं। इसके अभ्यास कलाइयों, बांहों और उंगलियों में रक्त संचार बढ़ाने, अकड़न दूर करने व मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए किया जाता है। यह कंप्यूटर पर काम करने वाले लोगों और आर्थराइटिस, जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है।