आगरालीक्स…आगरा पुलिस लाइन में हुई पासिंग आउट परेड. 577 प्रशिक्षु नव आरक्षियों ने ली निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता की शपथ. जनसेवा को तैयार हुआ लाल तो परिजनों के भी खिले चेहरे
आगरा पुलिस लाइन में रविवार को पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ. सुबह 8 बजे पुलिस कमिश्नरेट आगरा द्वारा रिक्रूट आरक्षियों के आधारभूत प्रशिक्षण पूर्ण होने पर दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन किया गया. इस दौरान 577 आरक्षियों ने सफल परीक्षण प्राप्त कर दीक्षांत परेड में भाग लिया. इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने खुली जिप्सी में परेड का निरीक्षण किया और आगरा पुलिस आयुक्त ने सलामी ली."निष्ठा की शपथ, सुरक्षा का वचन"
दीक्षांत परेड समारोह के अवसर पर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने समस्त प्रशिक्षु नव-आरक्षियों को राष्ट्र की एकता व अखण्डता को अक्षुण्ण रखने, राष्ट्रसेवा, विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा नागरिकों की सुरक्षा हेतु पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता के साथ कार्य करने की शपथ दिलाई. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार में सम्मिलित होने वाले सभी नव-नियुक्त आरक्षियों को उनके उज्ज्वल एवं सफल भविष्य हेतु शुभकामनाएं प्रदान की गईं.

अनुशासन के तप में तपकर पहनी खाकी वर्दी
"दिन-प्रतिदिन 09 माह तक अनुशासन के तप में तपकर खाकी वर्दी को पहना है"
"सजी-धजी वर्दी, एक कमाण्ड और नपी तुली चाल - यही इनका गहना है।" 09 माह के कठिन एवं अनुशासित प्रशिक्षण से गुजरकर रिक्रूट आरक्षी आज गौरवपूर्ण दीक्षांत परेड का हिस्सा बने. इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट आरक्षियों को दीक्षांत परेड के दौरान मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त, आगरा श्री दीपक कुमार द्वारा मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. दीक्षांत परेड के मुख्य अतिथि द्वारा नव आरक्षियों को उज्ज्वल भविष्य, सफल सेवाकाल एवं कर्तव्यनिष्ठ जनसेवा हेतु हार्दिक शुभकामनाएँ प्रदान की गयी.

"जन सेवा को तैयार हुआ है लाल, परिजनों के चेहरे पर है मुस्कान"
दीक्षांत परेड समारोह के अवसर पर रिक्रूट आरक्षियों द्वारा जनसेवा, राष्ट्रसेवा एवं कर्तव्यनिष्ठा की शपथ ग्रहण की गई, जिसके साक्षी उनके गौरवान्वित परिजन बने. सुसज्जित खाकी वर्दी में अनुशासन एवं आत्मविश्वास के साथ कदम से कदम मिलाकर परेड प्रदर्शन करते रिक्रूट आरक्षियों को देखकर माता-पिता एवं परिजनों के चेहरों पर गर्व एवं संतोष की अद्भुत झलक दिखाई दी. यह क्षण न केवल आरक्षियों के जीवन का अविस्मरणीय बना, बल्कि उनके परिजनों के लिए भी गौरव एवं भावनात्मक संतोष का प्रतीक रहा.