आगरालीक्स…आगरा के ठाकुर मथुराधीश जी महाराज ने भक्तों संग खेली होली, फूलों संग उड़ा गुलाल. प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में हुआ होली उत्सव, इत्र की महक और चंदन के साथ फूलों और गुलाल से महका मंदिर
यमुना किनारा स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में आज होली के उत्सव के रंग बिखरे थे। हर तरफ सतरंगी फूलों, इत्र और चंदन की महक के साथ गुलाल के रंग बिखरे थे। बेला और मोगरे के फूलों से सजे छत्र में बिराजमान ठाकुर को सर्प्रथम रंग लगाकर होली उत्सव का शुभारम्भ किया गया। पुरुषोत्तम मास में फागुन की मस्ती के साथ श्रीहरि की भक्ति हर तरफ नजर आ रही थी।संध्या काल में भजन कीर्तन के साथ डोलक और मंजीरों की स्वरलहरियों संग होली के मल्हार भी मंदिर परिसर में गूंजे। सभी भक्तों को चंदन का तिलक कर स्वागत किया गया। सभी भक्तों ने एक दूसरे के गुलला लगाया। मंदिर परिसर में नृत्य और भजन के साथ फूलों की होली विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। नेक न कान करे काह की, आंख बचावे भैया बलदाऊ की, अडग लिपट हंसी हा हा खाय, होरी खेली न जाय…., होरी के दिनन मोते दुनों दुनों अटके, सालगराम कौन याहि हटके…, पनघट ते घर लों बतराय, होरी खेली न जाय… जैसे होली के भजनों ने भक्ति के रंग बिखेरे।
पुरुषोत्तम मास (अधिक/मल मास) को मनोरथों का मास कहा जाता है। इसमें वर्ष भर के सभी उत्सव (वरशोत्तर उत्सव) रोज़ मनाए जा रहे हैं। संध्या आरती के उपरान्त सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। आरती मंदिर के महन्त नन्दन श्रोत्रिय व जुगल श्रोत्रिय ने सम्पन्न करी। इस अवसर पर मुख्य रूप से जगन गुप्ता, मुक्ता गुप्ता, बृज खंडेलवाल, पद्मिनी खंडेलवाल, अरुण कुमार मित्तल, सुनील गोयल, गौरव मित्तल, अम्बुज गोयल, माधव मित्तल आदि उपस्थित थे।