आगरालीक्स…10 दिन ओर गूंजेंगी शहनाइयां. फिर एक महीने का लगेगा विराम. 17 मई से 15 जून तक चलेगा पुरुषोत्तम मास
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा के अनुसार इस वर्ष विवाह के शुभ मुहूर्त (लग्न) मई महीने में केवल 14 तारीख तक ही उपलब्ध हैं। इसके बाद विवाह जैसे मांगलिक कार्यों पर अस्थायी विराम लग जाएगा और फिर 19 जून से एक बार फिर शादियों का शुभ दौर शुरू होगा। "गुरु" 14 मई से 01 जून तक शत्रु के नवांश में रहेंगे, गुरु 01 जून से कर्क के नवांश में इसके बाद 18 जून से सिंह के नवांश में श्रेष्ठ माने जाएंगे, जिसमे 19 जून से पुनः शहनाइयां गूंजने लगेंगी।ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा के अनुसार इस अंतराल का मुख्य कारण ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति में बदलाव है। 15 मई के बाद गुरु (बृहस्पति) और शुक्र जैसे प्रमुख शुभ ग्रहों की स्थिति विवाह के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती। विशेष रूप से जब शुक्र अस्त (तारा अस्त होना) होता है, तब विवाह, सगाई और अन्य मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, इस अवधि में खरमास ( अधिकमास /मलमास ) भी चल रहा होगा , जिनमें शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है। इसी कारण 15 मई से लेकर 18 जून तक विवाह के लिए कोई शुभ लग्न नहीं बन रहा है।
अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) - 17 मई (रविवार) से 15 जून (सोमवार) को समाप्त होगा। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी बताते हैं कि 19 जून से ग्रहों की स्थिति फिर से अनुकूल हो जाएगी। इस दिन के बाद शुक्र उदय और अन्य ग्रहों की शुभ स्थिति के चलते विवाह के लिए अच्छे मुहूर्त उपलब्ध होंगे, जिससे शादी-विवाह का सिलसिला फिर से शुरू हो जाएगा।क्या करें इस दौरान ?
इस बीच जिन परिवारों में शादी की तैयारियां चल रही हैं, वे इस समय का उपयोग अन्य तैयारियों जैसे खरीदारी, बुकिंग और व्यवस्थाओं में कर सकते हैं, ताकि शुभ मुहूर्त आने पर बिना किसी बाधा के विवाह संपन्न किया जा सके।