आगरालीक्स…आगरा के एसएन में दोबारा भर्ती कराई गई 11 साल की बच्ची. जूनियर डॉक्टर ने इसके साथ किया था ‘बैड टच’. अब वार्ड में महिला सुरक्षाकर्मी भी…आरोपी जेल में
आगरा के एसएन में जूनियर डॉक्टर द्वारा वार्ड में भर्ती 11 साल की बच्ची के साथ की गई ‘बैड टच’ की घटना ने शर्मसार किया है. इस घटना ने एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन का को कठघरे में खड़ा कर दिया. आरोप है कि पीड़ित परिवार पर केस नहीं लिखवाने का दबाव बनाया गया, नहीं मानने पर बच्ची को बिना इलाज के ही बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया गया. इस घटना के सामने आने के बाद आज बच्ची को दोबारा भर्ती कराया गया है. इसके लिए वार्ड में महिला सुरक्षाकर्मी भी लगाई गई है.
ये है मामला
आगरा के शाहगंज क्षेत्र की रहने वाली 11 साल की बालिका छठवीं की छात्रा है, उसकी मां शिक्षिका हैं और सामाजिक संस्था से जुड़कर 100 से अधिक छात्राओं को गुड टच बैड टच के बारे में जागरूक किया गया. उनकी बेटी भी गुड टच और बैड टच के बारे में जानती थी. छात्रा 6 सितंबर से भर्ती थी, 10 सितंबर की रात को एसएन के बाल रोग विभाग के जूनियर डॉक्टर प्रथम वर्ष दिलशाद हुसैन ने छात्रा को चेकअप करने के लिए कमरा नंबर 209 में बुलाया. छात्रा का आरोप है कि चेकअप करने के बहाने जूनियर डॉक्टर ने अश्लील हकरत की.
रोते हुए मां के पास पहुंची छात्रा
छात्रा का आरोप है कि कि जूनियर डॉक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत की, वह रोते हुए मां के पास पहुंची, उन्होंने पुलिस को बुला लिया. बुधवार सुबह जूनियर डॉक्टर दिलशाद हुसैन को पुलिस को सौंप दिया गया. पुलिस ने जूनियर डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया. गुरुवार को छात्रा के बयान दर्ज किए गए.
विभागीय जांच जारी
एसएन मेडिकल कॉलेज की जेंडर हैरेसमेंट कमेटी और आंतरिक समिति ने जांच शुरू कर दी है. बाल रोग में रात को तैनात चिकित्सकीय स्टाफ के बयान भी लिए गए हैं. मंगलवार को हुई इस घटना वाले दिन बाल रोग विभाग के तीसरी मंजिल पर 4 चिकित्सक, एक वार्ड बॉय और एक स्टाफ नर्स तैनात बताए गए हैं. समिति ने उनके बयान दर्ज किए हैं. सामने आया है कि जिस वार्ड में यह बच्ची भर्ती थी उससे सटा ही 209रेजिडेंट चैंबर है. इसी में चेकअप किया गया है. इसके अलावा वार्ड में भर्ती मरीज और उनके तीमारदारों से भी पूछताछ की गई है. जल्द ही जांच पूरी होने की उम्मीद है जिसके बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी.