आगरालीक्स…आगरा में जुटे देश विदेश के 500 से अधिक विशेषज्ञ, जीरिएट्रिक सोसायटी ऑफ इंडिया की 38वीं वार्षिक कार्यशाला का शुभारंभ. वृद्धावस्था की समस्याओं, बीमारियों पर होगा मंथन
धरती पर भगवान का रूप माने जाने वाले डॉक्टरों को हत्यारा बनाने वाली आखिर कौन सी शिक्षा है। कलम थामने की उम्र में हाथों में पत्थर देने वाली शिक्षा समस्त मानवता के लिए चुनौती है। होटल क्लार्क-शीराज में आयोजित जीरिएट्रिक सोसायटी ऑफ इंडिया (जीएसआई) की तीन दिवसीय 38वीं वार्षिक कार्यशाला में यह बात मुख्य अतिथि उप्र के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने उद्घाटन समारोह में कही।कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित करते हुए भारत की शिक्षा प्रणाली पर चर्चा की। कहा कि राष्ट्रीय संस्कार की हर चुनौती का समाधान है। समाज और देश हित में काम करना ही सच्ची भक्ति है। जीएसआई के पदाधिकारियों को शाल पहनाकर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय सचिव डॉ. वीके हांडा ने वार्षिक कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। जीएसआई के मार्गदर्शक डॉ. वीके अरोरा ने सफल कार्यशाला के लिए आयोजन समिति को बधाई दी। जीएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
राष्ट्रीय सचिव डॉ. ओपी शर्मा ने बताया कि 1982 में स्थापित सोसायटी में आज 1600 मैम्बर हैं। अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. सुनील बंसल ने बताया कि देश के विभिन्न प्रांतों सहित आस्ट्रेलिया व यूके से 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कैलाश विश्वानी व संचालन डॉ. आशीष गौतम व डॉ. अजीत चाहर, डॉ. एके वर्मा, डॉ. सुमित लवानिया ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. एके गुप्ता, डॉ. प्रभात अग्रवाल, आयोजन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. वीके अग्रवाल, डॉ. आनन्द अग्रवाल, डॉ. सीआर रावत, डॉ. अरुण अग्रवाल, डॉ. राजेन्द्र बंसल, डॉ. सुभाष चंद्र गुप्ता, डॉ. डीपी अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

कन्वोकेशन में 8 डॉक्टरों को मिली सोसायटी की फैलोशिप
कन्वोकेशन में आज 8 डॉक्टरों को जीरिएटिक सोसायटी ऑफ इंडिया की फैलोशिप प्रदान की गई। जिसमें आगरा के दो डॉक्टरों में डॉ. कैलाश विश्वानी व डॉ. प्रभात अग्रवाल भी शामिल थे। साइंटिफिक सेशन में आज डॉ. पद्मा मलिक खन्ना ने कैमिस्ट्री ऑफ एजिंग, डॉ. विनोद कुमार ने वृद्धावस्था में डिमेंशिया, डॉ. कैलाश रंजन दास ने वृद्धावस्था में वैक्सीनेशन विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. धमीजा ने स्ट्रोक, डॉ. पीसी डेश ने वातावरण का बुढ़ापे पर प्रभाव, डॉ. चंदन कुमार, डॉ. जेके शर्मा, डॉ. कौसर उस्मान ने भी व्याख्यान दिए। डॉ. राजीव किशोर, डॉ. प्रभात अग्रवाल ने मोटापा, डॉ. बीके अग्रवाल ने इंसुलिन पर व्याख्यान दिया।
कार्यशाला में देश के विभिन्न प्रांतों से आए जीरीएटिक कोर्स की ऑन लाइन क्लासेस ले रहे 100 डॉक्टरों ने आज प्रैक्टीकल ट्रेनिंग ली। सभी डॉक्टरों को ट्रैनिंग के बाद प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। डॉ. पंकज अग्रवाल ने इंसुलिन लगाने की तरीकों पर वर्कशॉप सम्पन्न कराई। ट्रेनिंग डॉ. अश्विन, डॉ. बालकृष्णन, डॉ. साजेश अशोकन ने करायी।