आगरालीक्स…भगवान श्रीजगन्नाथ की भक्ति में डूबा आगरा. हरिबोल के जयकारों और हरे रामा, हरे कृष्णा के भजनों पर नाचते—गाते भक्तों ने खींचा भगवान का रथ. देखें फोटोज व वीडियो
भक्ति का ऐसा सैलाब जहां श्रद्धाभाव में डूबे भक्तजनों की आस्था और श्रीहरि की कृपा के अतिरिक्त कुछ नहीं था। शंखनाद के साथ श्रीहरि के पट खुले तो परमानन्द की ऐसी अवस्था में डूबे नजर आए भक्तजन जिसे शब्दों से बयां नहीं किया जा सकता। कहीं श्रद्धालु अपने भगवान की राह में झाड़ू लगाते तो कहीं सतरंगी रंगोली सजाते। कहीं कीर्तन पर झूमते तो कहीं एकटक निगाह से दर्शन की अभिलाषा में डूबे दिखे। पट खुलते ही हरि बोल के जयकारों संग दोनों हाथ ऊपर उठाए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने खुद को मानों श्रहरि को समर्पित कर दिया। रंग भक्ति के, गीत भक्ति के, भाव भक्ति के, मन भक्तिमय, नृत्य भक्तिमय, जो था सब भक्ति में डूबा था।

प्रथम आरती इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने की। इस अवसर पर दिल्ली व वृन्दावन इस्कॉन मंदिर से आए ऋषि कुमार प्रभु, परमात्मा प्रभु, श्रीनिकेत प्रभु भी मौजूद थे। श्वेत धोड़ों की आकर्षक आकृति से सजे रथ को खींचने के लिए भक्त अधिक और रस्सी छोटी थी। बल्केश्वर से लेकर कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर तक रथ को गाते बजाते, नृत्य करते हुए भक्तजन खींचकर लेकर गए। जगह-जगह रथयात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। प्रतिष्टानों और घर के अंदर बैठे लोग भी श्रीहरि के दर्शन के लिए शीश झुकाए इंतजार में खड़े थे।
प्रभुपाद जी और चैतन्यमहाप्रभु की झांकी बी रही आकर्षण का केन्द्र
घोड़ों और और ऊंट की अगुवाई में दर्जनों धव्जों के साथ रथयात्रा का शुभारम्भ हुआ। रथयात्रा में बैंडबाजों संग प्रभुपाद जी, राधा कृष्ण और चैतन्यमहाप्रभु का झांकी भी आकर्षक का केन्द्र रही।

भक्तों पर रिमझिम बारिश बनकर बरसी श्रीहरि की कृपा
रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ की एक झलक पाने के इंतजार में बाट जोहते श्रद्धालुओं पर उमस भरी गर्मी में रिमझिम बारिश की बौछारे श्रीहरि की कृपा बनकर बरसी। बारिश ने जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल भक्तजनों के लिए वातावरण को सुलभ बना दिया। श्रीहरि के कीर्तन पर झूमते गाते पैदल-पैदल बल्केश्वर और कमला क्षेत्र का रास्ता कैसा कटा इसका एहसास ही नहीं हुआ।
वृन्दावन के चंदुआ श्रंगार और राजपूताना भेष में सज-धज कर निकले श्रीहरि
वृन्दावन इस्कॉन मंदिर के माधव प्रभु ने भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलभद्रा का वृन्दावन का चंदुआ श्रंगार किया। नाथद्वारा के कारीगरों द्वारा तैयार जर्किन और स्वर्ण तारों से सजी आसमानी पोशान श्रीहरि के आसमान की तरह अनन्त रूप को प्रदर्शित कर रही थी। तीनों भगवानों का पूरा श्रंगार लगभग 25 किलो का था। सिर पर पगड़ी और बाका मुकुट में राजपूताना भेष के दर्शन की एक झलक पाने को हर भक्त व्याकुल दिखा। श्रंगार में श्रीहरि के प्रिय पुष्प कदम्ब, बैजयन्ती, मालती, मोगरा जैसे पुष्पों का विशेष प्रयोग किया गया। एंथोरियम, गुलाब, बेला जैसे पांच कुंतल फूलों से भगवान के रथ को सजाया गया।

विदेशी श्रद्धालुओं ने भी लिया रथयात्रा में भाग
रशिया, यूक्रेन, अमेरिका सहित विभिन्न देशों के श्रद्धालु रथयात्रा में हिस्सा लेने पहुंचे। रथयात्रा के उत्सव में महिलाएं गोपी ड्रेस में तो पुरुष ग्वाला ड्रेस में सज संवर कर पहुंचे। कुछ भक्तजन को अपने घर के लड्डू गोपाल जी को बी सजा धजा कर रथयात्रा में लेकर आए। ढोल, मृदंग और मंजीरों के हरे राम-हरे कृष्णा… संकीर्तन पर झूमते गाते श्रद्धालुओं ने हर्ष उल्लास के साथ मनाया रथयात्रा महोत्सव।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
रथ का संचालन राहुल बंसल व अखिल बंसल ने संचालन किया। आरती मुख्य अतिथि आरएसएस के ब्रज प्रांत प्रमुख केशव देव शर्मा ने की। इस अवसर पर मुख्य रूप से महेश मंगरानी, अशोक अग्रवाल छनेरा चेयरमैन शैलेन्द्र अग्रवाल, संजीव मित्तल, राहुल बंसल, आशु मित्तल, सुशील अग्रवाल, कान्ता प्रसाद अग्रवाल, विमल नयम फतेहपुरिया, ओमप्रकाश अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, अमित बंसल, विकास बंसल, महेश मंगरानी, राजेश खुराना आदि उपस्तित थे। रथयात्रा श्रीजगन्नाथ रथयात्रा बल्केश्वर महादेव मंदिर से प्रारम्भ होकर बल्केश्वर चौराहा, चांदनी चौक, सिटी मॉल, न्यू आदर्श नगर, पानी की टंकी, महाराजा अग्रसेन मार्ग होते हुए रश्तमि नगर स्थित श्रीजगन्नाथ जी मंदिर पहुंची। जहां भव्य आरती कर रथयात्रा का स्वागत किया गया।