आगरालीक्स…आगरा में शहरवासियों को easy और safe सफर कराएगी आगरा मेट्रो. स्टेशन पर होगी ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस एवं ओवर स्पीड गवर्नर तकनीक से लैस लिफ्ट…
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा महिलाओं, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों सहित सभी शहरवासियों की सहूलियत एवं सुरक्षा को ध्यान में रखकर आगरा मेट्रो का निर्माण किया जा रहा है। यूपी मेट्रो द्वारा आगरा मेट्रो के सभी स्टेशनों पर ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस एवं ओवर स्पीड गवर्नर तकनीक से लैस लिफ्ट लगाई जा रही हैं। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉपोरेशन द्वारा ग्राउंड लेवल से कॉन्कोर्स एवं कॉन्कोर्स से प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए लिफ्ट एवं एस्किलेटर्स लगाए जा रहे हैं। प्रायोरिटी कॉरिडोर में हर एलिवेटेड स्टेशन पर 4 लिफ्ट एवं 3 एस्सिलेटर लगाए जायेंगे। शहर में मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों की सुविधा हेतु ऐलिवेटिड स्टेशनों पर लिफ्ट एवं एस्किलेटर्स होंगे जिसकी मदद से बुजुर्ग, दिव्यांग एवं जरूरतमंद यात्री आसानी से मेट्रो सेवा का लाभ उठा पाएंगे।
इसके साथ ही आगरा मेट्रो की लिफ्टों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए यूपी मेट्रो द्वारा सभी लिफ्टों में अलार्म बटन लगाया जाएगा। आगरा मेट्रो में यात्रा के दौरान यदि किसी व्यक्ति को लिफ्ट का प्रयोग करते समय कोई परेशानी आती है तो वह इस अलार्म बटन को दबाकर एवं लिफ्ट में लगे इंटरकॉम के जरिए निकटतम कर्मचारियों एवं स्टेशन कंट्रोलर को सूचित कर पाएगा। आगरा मेट्रो के स्टेशन परिसर में लगाई जाने वाली लिफ्टें ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस (स्वचालित बचाव उपकरण) से लैस होंगी। यह उपकरण पावर कट की स्तिथि में लिफ्ट को निकटतम तल पर लाएगा और स्वचालित रूप से लिफ्ट का दरवाजा खोल देगा, जिससे लिफ्ट में फंसे यात्री आसानी से बाहर आ सकेंगे। इसके साथ ही आगरा मेट्रो की लिफ्टों में ओवर स्पीड गवर्नर नामक सुरक्षा उपकरण होगा जो कि तेज गति के मामले में लिफ्ट को स्वत: ही रोक देगा।
यात्रियों की सुरक्षा हेतु आगरा मेट्रो की सभी लिफ्टों के दरवाजों में 2डी और 3डी सेंसर लगे होंगे। ये सेंसर लिफ्ट के दरवाज़ों के बीच में किसी व्यक्ति/सामान के होने का पता लगाकर दरवाज़ों को बंद होने से रोकेंगे। इसके साथ ही लिफ्ट के दरवाजों में डोर लॉक सेफ्टी स्विच भी होगा, जो दरवाजे पूर्णत: लॉक होने के बाद ही लिफ्ट को चलने देगा।

रीजेनरेटिव प्रणाली से लैस होंगी लिफ्ट
आगरा मेट्रो द्वारा प्रयोग की जाने वाली लिफ्ट रीजेनरेटिव प्रणाली से लैस होंगी। यात्री सेवा शुरू होने के बाद बार-बार लिफ्ट के प्रयोग से बिजली का उत्पादन होगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई लिफ्ट दिन में 100 यूनिट उपयोग करेगी तो रीजेनरेटिव प्रणाली के जरिए वह लिफ्ट 37 यूनिट का उत्पादन भी करेगी, जिसे सप्लाई में वापस भेज दिया जाएगा। रीजेनरेटिव प्रणाली से युक्त लिफ्ट द्वारा उत्पादित की गई बिजली के आंकलन हेतु मीटर भी लगाए जाएंगे।
आगरा मेट्रों पर एक नजर
गौरतलब है कि ताजनगरी में 29.4 किमी लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बनना है, जिसमें 27 स्टेशन होंगे। ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच 14 किमी लंबे पहले कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. इस कॉरिडोर में 13 स्टेशनों का निर्माण होगा। जिसमें 6 एलीवेटिड जबकि 7 भूमिगत स्टेशन होंगे. इस कॉरिडोर के लिए पीएसी परिसर में डिपो का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच लगभग 16 कि.मी. लंबे दूसरे कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 14 ऐलीवेटेड स्टेशन होंगे। इस कॉरिडोर के लिए कालिंदी विहार क्षेत्र में डिपो का निर्माण किया जाएगा।