आगरालीक्स…युवाओं में क्यों बढ़ रही है प्रोटीन की दीवानगी? यह जरूरी है भी या नहीं, कितनी मात्रा में और कौन सा प्रोटीन हमें चाहिए, अतिरिक्त प्रोटीन क्या नुकसान पहुंचा सकता है? जानें सीनियर गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. दिनेश गर्ग से
आगरा में हम जिम क्यों जाते हैं मसल बनाने के लिए या हैल्दी रहने के लिए। जिन्हें पहलवानी करनी है वे प्रोटीन लें या न लें, आम आदमी को अतिरिक्त प्रोटीन की कोई जरूरत नहीं है। यह कहना है आगरा गैस्ट्रो लिवर सेंटर के सीनियर गैस्टोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. दिनेश गर्ग का। आईए आगरा के युवाओं में प्रोटीन को लेकर बढ़ रही दीवानगी पर उन्होंने और क्या कहा।
डॉ. दिनेश गर्ग ने बताया कि मछली, दाल, सोयाबीन, मीट, पनीर, चावल, चिकन, मशरूम, पालक, हरी मटर, फूल गोभी, चना, कद्दू के बीज, मूंगफली, ड्राई फूड्स आदि प्राकतिक प्रोटीन के स्त्रोत हैं। हम हमारे दिन भर के खाने में कई पदार्थों से प्रोटीन प्राप्त करते हैं जो अधिकांशत: पर्याप्त भी होता है। एक शिशु के लिए 10 ग्राम प्रोटीन, बच्चे के लिए 19 से 34 ग्राम प्रोटीन, किशोरों के लिएस 52 ग्राम और किशोरियों के लिए 46 ग्राम प्रोटीन, वयस्क पुरूष के लिए 56 ग्राम और वयस्क महिला के लिए 46 ग्राम प्रोटीन पर्याप्त होता है। सामान्य तौर पर इससे अधिक की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि जिम जाने वाले युवाओं में अतिरिक्त प्रोटीन का सेवन अधिक देखा जा रहा है। यह भी दो तरह से है। एक वर्ग वह है जो प्राकतिक खाद्य पदार्थों से प्रोटीन को प्राप्त करने की कोशिश में है और दूसरा वर्ग वो है जो प्रोटीन सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल कर रहा है। प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेने वालों को ही बहुत अधिक सावधान रहने की जरूरत है।
डॉ. गर्ग बताते हैं कि वे किसी भी प्रोटीन सप्लीमेंट्स को लेने की सलाह नहीं देते हैं, क्योंकि ऐसा नहीं है कि सभी सप्लीमेंट्स सेफ हों। फिर भी वे कुछ सावधानियां बताना चाहेंगे जो खास तौर पर जिम जाने वाले युवाओं के लिए जरूरी हैं। अगर आप हेल्दी हैं, कोई समस्या नहीं है, जिम जाते हैं तो आपको 60 से 120 ग्राम तक प्रोटीन चाहिए। इससे ज्यादा पर किडनी को डैमेज कर सकता है। ये ध्यान रखना है कि क्रिएटिनिन की मात्रा ज्यादा न हो। अगर जिम प्रोटीन इस्तेमाल कर रहे हैं तो एनाबॉलिक स्टैरॉयड न हो। जिम के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रोटीन से लिवर और किडनी को नुकसान हो सकता है। किसी प्रोटीन से एलर्जी है तो उसे अवॉइड करें। कंपनी चैक कर लें, हर्बल प्रोडक्ट्स बहुत ज्यादा तो नहीं है, इंडियन न्यूटीशनल स्टेंडर्ड के मानकों पर खरा है या नहीं। हद से ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट्स न लें क्योंकि कुछ विटामिन जैसे ए, डी ज्यादा लेने से यह शरीर में जमा हो जाते हैं। लिवर खराब कर सकते हैं। आपके शरीर में स्टोन बना सकते हैं। कैल्शियम की मात्रा अधिक कर सकते हैं। कुछ सप्लीमेंट्स जैसे आयरन, कैल्शियम एक साथ लेने से शरीर अजॉब्शन का इश्यू हो सकता है। बहुत सारे सप्लीमेंट पेट खराब कर सकते हैं। फूड सेफ्टी एजेंसी से एप्रूव्ड है या नहीं यह भी अच्छे से जांच परख लेना चाहिए। सब स्टेंडर्ड प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से लिवर और किडनी पर असर पड़ता है।
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