आगरालीक्स…आज के दौर में इंटरनेट और मोबाइल का अधिक प्रयोग भी एक प्रकार का नशा. युवाओं को मानसिक और व्यवहारिक रूप से कर रहा प्रभावित. विवि में नशा मुक्त भारत के तहत किया जागरूक
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के छात्र कल्याण विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। कुलपति प्रो आशु रानी के मार्गदर्शन में सेठ पदमचंद प्रबन्ध संस्थान, आगरा में नशा उन्मूलन सेमिनार तथा ललित कला संस्थान में पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सजग किया गया। सेठ पदमचंद प्रबन्ध संस्थान में आयोजित सेमिनार संस्थान निदेशक प्रो बृजेश रावत और अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. भूपेन्द्र स्वरूप शर्मा के उचित निर्देशन में हुआ संपन्न हुआ जिसका कुशल संचालन विश्वविद्यालय एनएसएस समन्वयक डॉ. पूनम तिवारी द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सह-अधिष्ठाता डॉ. रुचिरा प्रसाद ने प्रस्तुत किया।मुख्य वक्ता के रूप में मद निषेध विभाग के श्री विमल साहू ने नशा मुक्ति की व्यापक अवधारणा प्रस्तुत करते हुए कहा कि “नशा केवल मादक पदार्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि आज के दौर में इंटरनेट एवं मोबाइल का अत्यधिक उपयोग भी एक प्रकार का नशा बन चुका है, जो युवाओं के मानसिक, सामाजिक एवं व्यवहारिक जीवन को प्रभावित कर रहा है।” उन्होंने नशा मुक्ति सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि हेल्पलाइन नंबर 14446 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
विशिष्ट वक्ता हरिपर्वत थाना, आगरा की निरीक्षक सुश्री वैषाली चौधरी ने नशे के सामाजिक एवं कानूनी दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “अधिकांश परिवारों के विघटन का प्रमुख कारण नशा है। इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटनाओं में भी नशा एक महत्वपूर्ण कारक बनकर उभर रहा है।” उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम के प्रश्नोत्तर सत्र में मोइन संदली, अनुराग सहित अन्य विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिवम सारस्वत, अमन सिकरवार, कुर्बान एवं उत्कर्ष ने सराहनीय सहयोग प्रदान किया। समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर निशांत चौहान, डॉ. के.के. पचौरी, डॉ. प्रवीण कुमार, अर्पिता दूबे एवं श्वेता गुप्ता सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। इसी अभियान के अंतर्गत ललित कला संस्थान, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में नशा मुक्त भारत विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता कुलपति प्रो. आशु रानी जी की प्रेरणा से संस्थान के निदेशक प्रो. संजय चौधरी के निर्देशन तथा पेंटिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शीतल शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुई। प्रतियोगिता में लगभग 55 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशा मुक्ति के संदेश को रचनात्मक अभिव्यक्ति दी। प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए पोस्टरों में सामाजिक चेतना, जागरूकता एवं सशक्त संदेशों की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। उपनिदेशक डॉ. मनोज कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की तथा समस्त शिक्षकों के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया।इन कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वविद्यालय ने न केवल छात्रों में जागरूकता का संचार किया, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत संदेश भी दिया। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत इस प्रकार की पहलें युवाओं को स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।