आगरालीक्स…आगरा के उजाला सिग्नस रेनबो हाॅस्पिटल में हुआ बालकाण्ड श्रवण. बालकाण्ड का श्रवण करने से दूर होते हैं दुख, दोष
श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर उजाला सिग्नस रेनबो हाॅस्पिटल के डाॅ. प्रभा मल्होत्रा सभागार में वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डाॅ. आरसी मिश्रा की विशेष इच्छा पर रामचरित मानस के बालकाण्ड का श्रवण हुआ। सर्वप्रथम डाॅ. मिश्रा ने कहा कि आयोध्या में श्री रामलला नए भव्य मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो गए हैं। सदियों से चली आ रही लोगों के मन की अभिलाषा पूरी हुई है। कहा कि रामचरित मानस वह ग्रंथ है जो सम्पूर्ण भारतीय संस्कृति, धर्म, राजनीति और मानवता का प्रेरक है। इस काव्य सरोवर में भारतीय संस्कृति और सभ्यता की युगों-युगों की कथा समावष्टि है। मानस के सात कांडों में से आज प्राण प्रतिष्ठा के विशेष अवसर पर बाल कांड का श्रवण किया गया। श्रीराम चरित मानस के बाल कांड में भगवान राम के जन्म से लेकर विवाह तक का घटनाक्रम है। रामायण की संपूर्ण कहानी की शुरूआत यहीं से होती है। धार्मिक दृष्टि से रामायण का बालकाण्ड बहुत महत्वपूर्ण है। इसे पढ़ने से महापीड़ा और ग्रहपीड़ा से मुक्ति मिलती है यानि सभी दुख, दोष और पीड़ा मुक्त हो जाते हैं।
इस अवसर पर डाॅ. जयदीप मल्होत्रा, डाॅ. रेणुका डंग, डाॅ. नरेंद्र मल्होत्रा, संजय डंग, डाॅ. नीहारिका मल्होत्रा, संजिका डंग, डाॅ. केशव मल्होत्रा, दिव्य प्रशांत बजाज, डाॅ. वंदना कालरा, डाॅ. शरद गुप्ता, डाॅ. संजीव शर्मा, डाॅ. आदित्य कुमार, डाॅ. सिद्धार्थ दुबे, डाॅ. विशाल गुप्ता, डाॅ. आकांक्षा अरोड़ा, डाॅ. शैली गुप्ता, डाॅ. नीरजा सचदेव, डाॅ. आरएल शर्मा, डाॅ. आरएस शर्मा, डाॅ. सुकुमार पांडया, डाॅ. सोनम पांडया, डाॅ. राहुल गुप्ता, डाॅ. जीएस त्रिपाठी, डाॅ. पुनीत गुप्ता, डाॅ. संगीता, डाॅ. जितेंद्र श्रीवास्तव, केसी मिश्रा, राकेश आहूजा, अतुल गर्ग, लवकेश गौतम, हरदीप सिंह सोढ़ी, तरूण मैनी आदि मौजूद थे।