आगरालीक्स …आगरा में व्यापारी ने पुलिस पर लगाए हिरासत में लेकर दूसरे व्यापारी के नाम जबरन बैनामा कराने के आरोप, जिस दुकान का बैनामा कराया गया उसकी कीमत चार करोड़, डीसीपी सिटी को जांच।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आगरा के श्री अपार्टमेंट, विजय नगर कॉलोनी निवासी मोहनलाल अग्रवाल और सोहन लाल अग्रवाल की सोहन ट्रेडिंग कंपनी, बाबा संस, बाबा एंटरप्राइजेज, कस्तूरी स्पाइसेस एंड ड्राईफ्रूटस के नाम से फर्म है। वे इन फर्मों को चित्तीखाना, रावतपाड़ा से संचालित करते हैं। पुलिस आयुक्त कार्यालय में की गई शिकायत में सोहनलाल के बेटे दिलीप और भतीजे शिवम अग्रवाल ने कहा है कि कारोबार में घाटा होने पर कमला नगर निवासी अजय गोयल, संजीव गोयल, गोपाल से ऋण लिया था, लेन देन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि उनका सगा भतीजा अमित गोयल निवासी बालाजी हाइटस रघुनाथ नगर भी दूसरे पक्ष के साथ है। इस मामले में पहले कमला नगर थाने में सोहनलाल अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया, इसके बाद दूसरा मुकदमा शाहगंज थाने में दर्द कराया।
अवैध तरीकी से हिरासत में रखकर नोटरी कराई, कोरो कागज पर हस्ताक्षर कराए
आरोप है कि शाहगंज पुलिस ने 20 जून की शाम को साढ़े सात बजे चित्तीखाना स्थित कारखाने में दबिश दी, वहां से पुलिस ने सोहन लाल उनके बेटे दिलीप अग्रवाल और भतीजे शिवम अग्रवाल को उठा लिया। तीनों को पकड़ कर पुलिस शाहगंज थाने ले आर्ठ, आरोप है कि हवालात में बंद युवक से उनकी पिटाई लगवाई। 21 जून की रात को पुलिस ने उनकी बेटी स्वाती जैन को पकड़ने के लिए गुलाबखाना स्थित उनके घर पर दबिश दी, वह नहीं मिली। 22 जून की दोपहर पुलिस ने सदर तहसील से मोहनलाल को भ्ज्ञी पकड़ लिया इन्हें भी थाना शाहगंज ले आई। आरोप है कि शाहगंज पुलिस ने दूसरे पक्ष से साठगांठ कर थाने में नोटरी कराई, उनके फोटो कराए गए। कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। दोपहर को चार सिपाही सोहनलाल और मोहनलाल को सदर तहसील ले गए, वहां शुभम गोयल के नाम से उनकी दुकान का बैनामा करवा दिया। जबकि उससे उनका कोई लेन देन नहीं है, उन दोनों को सब रजिस्ट्रार के सामने पेश भी नहीं किया गया। इस मामले की जांच डीपीसी सिटी को सौंपी गई है। बैनामा कराने वालों को अभी दुकान पर कब्जा नहीं मिला है।