आगरालीक्स…आगरा की कॉलोनियों में घरों के बाहर लोग खड़ी कर देते हैं अपनी कार, निकलने के लिए नहीं बचता रास्ता. इसको लेकर हर दिन के लड़ाई—झगड़े..आप भी दें अपनी राय
शहर की पॉश कॉलोनी हो या फिर छोटी कॉलोनी या फिर गलियां. यहां पिछले कुछ सालों से एक गंभीर समस्या बनी हुई है और वो है सड़क पर गाड़ियां पार्क करने की. कॉलोनी का 20 फुट रोड हो या फिर 25 फुट रोड या फिर 40 फुट. लोग अपने घर के आगे ही अपनी चारपहिया गाड़ियां पार्क कर रहे रहे हैं. रोड पर दोनों तरफ ये वाहन खड़े रहते हैं जिसके कारण कॉलोनी में से निकलने वाले अन्य लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कमला नगर हो या फिर बल्केश्वर, दयालबाग हो या फिर बिचपुरी. सदर हो या फिर ताजगंज पार्किंग न होने के कारण लोग अपने—अपने घरों के आगे चारपहिया वाहन खड़ा कर लेते हैं. ऐसे में कॉलोनी में आने वाले सब्जी वालों या फिर अन्य लोगों को अपनी गाड़ियां निकालने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसके कारण लोगों में आपसी झगड़े भी हो रहे हैं. जहां कॉलोनियों की सड़कें बड़ी होती हैं वहां तो ज्यादा समस्या नहीं आती लेकिन अक्सर छोटी कॉलोनियों में ऐसी समस्याएं ज्यादा आ रही हैं.

देना होगा शपथ पत्र
आगरा में अब शोरूम से कार खरीदने के बाद संभागीय परिवहन विभाग को ये भी शपथ पत्र में लिखकर देना होगा कि वह अपनी कार को कहां खड़ी करेंगे. वैसे तो ये नियम पुराना है लेकिन इस नियम के बारे में बहुत से लोगों को पता ही नहीं है. टीटीजेड में नया वाहन खरीदने के समय एक शपथ पत्र संभागीय परिवानह विभाग में जमा कराना होता है जिसमें वाहन स्वामी को अपना वाहन खड़ा करने का स्थल बताना होता है.
सात साल में 89 हजार वाहन की बिक्री, नहीं दिया शपथ पत्र
टीटीजेड की बैठक में पार्किंग का शपथ पत्र लागू होने के बाद सात साल में 89 हजार चार पहिया वाहनों की बिक्री हो चुकी है मगर, 10 फीसदी वाहन स्वामियों ने ही पार्किंग का शपथ पत्र दिया है, इसमें भी औपचारिकता पूरी की गई है.
पार्किंग के लिए बड़ी कार को चाहिए 110 वर्ग फुट जगह
चार पहिया वाहनों की पार्किंग को लेकर समस्या खड़ी हो रही है. कॉलोनियों में अधिकांश घरों में कार है, इसके चलते पार्किंग को लेकर विवाद भी हो रहा है. एक बड़ी कार को पार्क करने के लिए 110 वर्ग फुट जमीन चाहिए.
डीलर को लेना होगा शपथ पत्र
एआरटीओ प्रशासन एके सिंह का मीडिया से कहना है कि नया वाहन खरीदने के लिए शपथ पत्र जमा कराने का नियम है. अब वाहन डीलर से पंजीकरण होता है, शपथ पत्र लेने की जिम्मेदारी भी उनकी ही है.