आगरालीक्स…आगरा के कमांडर संजीव सिंह को कतर में दी गई है मृत्युदंड की सजा. परिवार हैरान और परेशान. जानें क्या है मामला
आगरा के रहने वाले नौसेना कमांडर संजीव गुप्ता को कतर की एक अदालत ने इनके साथ नौसेना साथियों के साथ मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है. जब से यह खबर आगरा आई है संजीव गुप्ता के परिजन स्तब्ध रह गए हैं. खबर सुनकर घरवाले बिलख पड़े हैं और उन्होंने सरकार से इनको छुड़ाने और सुरक्षित भारत लाने की मांग की है. आगरा के गांधी नगर में रहने वाले संजीव गुप्ता के पिता 90 वर्षीय आरपी गुप्ता और मां परेशान हैं. उनके भतीजे ने यही कहा है कि हमें अपनी सरकार पर पूरा भरोसा है. सरकार भी पूरा प्रयास कर रही है. इच्छा है कि जल्द ही चाचा व अन्य अपने घर लौट आएं. कमांडर संजीव गुप्ता की बेटी पेशे से अधिवक्ता है जो कि अपनी मां और बहन के साथ भारत और कतर में भागदौड़ कर रही है. वह इस प्रयास में है कि कहीं से भी सहायता मिल जाए, जिससे उनके पिता घर लौट सकें.
बता दें कि हाल ही में कतर की एक अदालत ने एक साल पहले अरेस्ट किए गए 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को मृत्युदंड की सजा सुनाई हैं. इनमें कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कमांडर पूर्णेंद्र तिवारी, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर संजीव गुप्ता, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर अमित नागपाल और सेलर रागेश हैं. ये सभी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर डिफेंस सर्विस प्रोवाइडर आर्गनाइजेशन—दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेस के लए काम करते थे. इस निजी फर्म का स्वामित्व रॉयल ओमानी एयर फोर्स के एक रिटायर्ड सदस्य के पास है. यह प्राइवेट फर्म कतर के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण और संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराती थी. पिछले साल 8 अगस्त 2022 को इन्हें अरेस्ट किया गया था. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन भारतीय नागरिकों पर आरोप है कि ये इजरायल के लिए जासूसी कर रहे थे और कतर के प्रोजेक्ट्स से जुड़ी जानकारियां इजरायल भेजी जा रही थीं. इस मामले में कंपनी के मालिक को भी अरेस्ट किया गया था लेकिन उन्हें नवंबर 2022 में रिहा कर दिया गया.