आगरालीक्स …आगरा के हाईप्रोफाइल फैमिली के बीच कारोबारियों ने कराया समझौता, पुलिस ने जूता कारोबारी के बेटे को सुहागरात वाले दिन अप्राकृतिक कृत्य करने और स्कूल के दोस्त के साथ समलैंगिक संबंध के आरोप में माना बेगुनाह, मिली जमानत।
आगरा के जूता कारोबारी के बेटे की शादी एक अन्य जूता कारोबारी की बेटी से 2021 में हुई थी। चार मार्च 2022 को जूता कारोबारी की बेटे की पत्नी ने थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाए कि जूता कारोबारी के बेटे ने अप्राकृतिक कृत्य किया, शराब पीकर हिंसक होने के साथ ही स्कूल के दोस्त के साथ समलैंगिक संबंध होने के आरोप लगाए। यह भी आरोप लगाया कि जूता कारोबारी के बेटे ने अतरंग संबंध के वीडियो अपने दोस्त को भेज दिए। इस मामले में पुलिस ने जूता कारोबारी के बेटे को अरेस्ट कर जेल भेज दिया था। कोर्ट ने दो बार जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।

कोर्ट में विवेचक ने 169 की रिपोर्ट पेश करते हुए जूता कारोबारी के बेटे को माना निर्दोष
इस मामले में 17 दिन बाद ही कोर्ट में विवेचक अमित प्रसाद ने सीआरपीसी की धारा 169 की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें कहा गया है कि विवेचना में वादिया के 18 मार्च के राजीनामा शपथपत्र और परिजनों के बयान के आधार पर तथ्य सामने आया कि परिवारिक विवाद के कारण जूता कारोबारी के बेटे और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। अब राजीनामा हो गया है वह मुकदमे को इस स्तर पर ही समाप्त करना चाहती हैं। विवेचक की ओर से रिपोर्ट में 161 के तहत पुलिस के समक्ष दिए गए बचान का जिक्र किया गया है। लिखा है कि साक्ष्य के अभाव में अभियोग की अंतिम रिपोर्ट 21 मार्च को समाप्त की गई। दरअसल, 169 की रिपोर्ट तक प्रस्तुत की जाती है जब पुलिस यह पाती है कि जेल भेजा गया व्यक्ति निर्दोष है।
कोर्ट से मिली जमानत
पुलिस द्वारा कोर्ट में जूता कारोबारी के बेटे के मामले में एफआर के साथ 169 की रिपोर्ट पेश की गई। इस पर पुलिस की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए जूता कारोबारी के बेटे को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और अंडर टेकिंग देने पर रिहा करने के आदेश कर दिए गए। जूता कारोबारी के बेटे जेल से रिहा हो गए।