आगरालीक्स..Agra News:. आगरा के आंबेडकर विवि से संबद्ध सेंट जोंस, आगरा कॉलेज सहित 650 कॉलेजों में चार वर्ष के बीए, बीएससी, बीकॉम आनर्स कोर्स को मिली अनुमति, संविदा शिक्षक कराएंगे शोध, कई बड़े निर्णय लिए गए। ( Agra News : DBRAU, Agra start 4 year BA, Bsc, Bcom hons. course for session 2025-26#Agra )
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बुधवार को विवेकानंद (खंदारी) परिसर स्थित सेठ पदम चंद जैन संस्थान में विद्या परिषद की बैठक हुई। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी जी की अध्यक्षता में हुई बैठक संविदा शिक्षकों के द्वारा भी शोध कार्य कराने को सहमति दी गई है। इसके साथ विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं पोर्टल पर अपलोड 1345 पाठ्यक्रमों को अपलोड करके उनका अनुमोदन कर दिया गया। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को भी लागू करने के लिए सहमति बन गई है।
तीन तरह का स्नातक कोर्स
विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा निति 2020 के अंतर्गत सत्र 2025-26 से चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (वाईएसयूपी) को भी अनुमति दे गई है। इसमें तीन तरह से स्नातक कराया जाएगा। इसमें पहला विकल्प आनर्स चार वर्ष की आनर्स की डिग्री दी जाएगी। दूसरे विकल्प में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शोध करने का मौका दिया जाएगा। तृतीय विकल्प में स्नातक के साथ अप्रिटंरशिप का विकल्प दिया जाएगा। इस विकल्प में विद्यार्थि को उसकी अप्रिंटरशिप कराने वाली संस्थान प्रमाणपत्र जारी करेगी। न कराए जाने पर विश्वविद्यालय द्वारा उसे प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। यह पाठ्यक्रम सिर्फ उन्हीं महाविद्यालयों में संचालित किया जा सकेगा, जहां स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित करने की मान्यता होगी। न होने पर उनके पाठ्यक्रम उच्चिकृत कराने का प्रमाण पत्र लेना होगा, तभी वह इस चार वर्षीय स्नातक पाछ्यक्रम क लोगू कर पाएंगे।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि विश्वविद्यालय का पूरा ध्यान अब शोध कार्यों पर रहने वाला है। इस उद्देश्य से रिसर्च एडवाइजरी कमेटी की बैठक में 23 नवंबर 2024 और 23 जनवरी 2025 में लिए गए निर्णयों का अनुमोदन किया गया है। इसके अंतर्गत आगामी सत्र से विश्वविद्यालय के संविदा शिक्षकों को भी शोध कराने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में शोध कार्यों को करने के लिए यूजीसी के वर्ष 2022 वाले नियमों का पालन किया जाएगा। विश्वविद्यालय नोडल अधिकारी स्वयं द्वारा उपलब्ध कराई गई 1345 स्वयं पाठ्यक्रमों की सूची को अनुमोदित कर दिया गया है। इसके साथ ही माइनर विषय के रूप में यदि जो शिक्षक या संस्थान अन्य विषयों को चुनना चाहत हैं, वह अपने स्तर से उन पाठ्यक्रमों को स्वयं पोर्ट्स पर अपलोड कराकर स्वीकृति प्राप्त करेंगे।
विधि कोर्स दो विभागों में होगा संचालित
विश्वविद्यालय की आंबेडकर चेयर में विधि पाठ्यक्रमों को दो विभागों में संचालित किए जाने पर स्वीकृति बनी। इनमें पहला विभाग होगा, सेंटर ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट लीगल स्ट्डीज, जिसमें स्नातकोत्तर की कक्षाएं संचालित होगी इसमें पीएचडी, एलएलएम (सामान्य) दो वर्षीय (चार सेमेस्टर), एलएलएम (एचआर) दो वर्षीय (चार सेमेस्टर), पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में पीजी डिप्लोमा इन फैमिली लॉ (PGDFL), पी.जी. डिप्लोमा इन लॉ ऑफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट (PGDNI), (iii) पी.जी. डिप्लोमा इन कॉन्स्टीट्यूशनल लॉ (PGDCL)(iv) पी.जी. डिप्लोमा इन कंज्यूमर लॉ (PGDCL), पी.जी. डिप्लोमा इन ट्रांसपोर्ट एंड ट्रैफिक लॉ (PGDTTL), पी.जी. डिप्लोमा इन साइबर लॉ (PGDCL), पी.जी. डिप्लोमा इन इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (PGDIPR) के साथ पी.जी. डिप्लोमा इन गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (PGDGST) शुरु किए जाएंगे।
वहीं दूसरे सेंटर होगा, सेंटर ऑफ लीगल एजुकेशन, जिसमें स्नातक पाठ्यक्रम जैसे एल.एल.बी. तीन वर्षीय (छह सेमेस्टर), बी.ए.एल.एल.बी.(10 सेमेस्टर) का अनुमोदन किया गया।
इसके साथ विश्वविद्यालय के अंतर्गत अंबेडकर फेयर में संचालित विधि विभाग की पाठ्यक्रम संबंधी संस्तुतियों के अनुमोदन करने, विचार किया गया। एलएलएम पाठ्यक्रम के संबंध में आगरा कॉलेज द्वारा प्रस्तावित अध्यादेश को सर्वसहमति से अनुमोदन दिय गया। एलएलएम (ह्यूमन राइट्स/ मानवाधिकार) का नवीन पाठयक्रम तैयार कर अनुमोदन दिया गया। इतिहास एवं संस्कृति विभाग में इस्कॉन के सहयोग से भागवत गीता पर आधारित (Ancient Wisdom for Modern Youth) एक सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने पर चर्चा हुई।