आगरालीक्स…29 जून को देवशयनी एकादशी, शुरू होगा चातुर्मास. भगवान विष्णु करेंगे आराम. नहीं होंगे मांगलिक कार्य. ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा ने बताया इसका महत्व
29 जून से चातुर्मास शुरू हो रहा है. ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा ने बताया कि 29 जून को हरिशयनी एकादशी हे. इस दिन स्वाति नक्षत्र दिन में एक बजकर 10 मिनट तक और उसके बाद विशाखा नक्षत्र, सिद्ध योग भी संपूर्ण दिन और अर्द्ध रात्रि के बाद एक बजकर 27 मिनट है. इस दिन सुस्थिर नामक औदायिक योग भी है. सूर्योदय कालीन एकादशी हने से विष्णु शयनी एकादशी इसी दिन मान्य रहेगी. यह महत्वपूर्ण एकादशी है, क्योंकि इसी दिन से विवाह आदि सभी महत्वपूर्ण मांगलिक कार्य पर रोक लग जाएगी.
ज्योतिषी आशिमा शर्मा ने बताया कि इस बार चातुर्मास चार नहीं बल्कि पांच माह का होगा. चातुर्मास में इस बाद सावन दो माह का होगा. इसलिए चातुर्मास में सीधे एक माह का इजाफा हो रहा है. मान्यता के अनुसार चातर्मास में सृष्टि के पालनहार कहे जाने वाले भगवान विष्णु क्षीरसागर में आराम कर रहे होते हैं. ऐसे में 29 जून से लेकर 23 नवंबर तक यानी 148 दिनों तक शादी-ब्याह समेत किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं होंगे.
ज्योतिषी आशिमा शर्मा ने बताया कि सभी मांगलिक कार्य भगवान विष्णु के जागृत अवस्था में ही किए जाते हैं. भगवान विष्णु के शयन करने से विवाह, वर वरण, कन्या वरण, गृह प्रवेश, उपनयन संस्कार, शिवजी को छोड़कर देव प्रतिष्ठा, महायज्ञ का शुभारंभ, राज्याभिषेक, कर्णवेध, मुंडन आदि कार्यों को निषेध माना जाता है. लेकिन कुछ कार्य इस समय भी किए जाते हैं जिनमें पुंसवन, प्रसूति स्नान, इष्टिका दहन, नामकरण, अन्न प्राशन, व्यापार आरंभ आदि किए जा सकते हैं.
