आगरालीक्स…आगरा के कितने घरों में हो रही है गंगाजल की सप्लाई. पानी की गुणवत्ता कैसी है…क्या पानी की आपूर्ति ठीक से हो रही है…डीएम ने जानी जल निगम के कार्यों की हकीकत. दिए ये निर्देश
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने गुरुवार को कलक्ट्रेट में उत्तर प्रदेश जल (नगरीय) द्वारा पेयजल एवं सीवरेज संबंधी कार्यों की समीक्षा की. डीएम को बताया गया कि अमृत योजना के अंतर्गत आगरा गंगाजल परियोजना के माध्यम से बुलंदशहर के पालड़ा झाल से 130 किमी पाइप लाइन द्वारा गंगाजल आपूर्ति की जाती है. गंगाजल संचयन के लिए सिकंदरा व जीवनी मंडी में वाटरवर्क्स स्थापित हैं तीसरा 55 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पोइया में स्थापित किया जा रहा है. बैठक में जिलाधिकारी ने कुल वाटर हाउस कनेक्शन, पेयजल सप्लाई हेतु डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क,लाइन, ओवरहेड टैंक,उसकी रख रखाव व्यवस्था, शहर में कितने घरों में गंगा जल की आपूर्ति की जा रही है, पेयजल की गुणवत्ता जांच, शहर की कुल पेयजल मांग तथा उसके सापेक्ष सुनिश्चित आपूर्ति, प्रगतिमान प्रोजेक्ट की प्रगति आदि की विस्तृत जानकारी तलब की.जिलाधिकारी ने जल निगम के वाटर सप्लाई हेतु प्रगतिमान प्रोजेक्ट की समीक्षा की जिसमें आगरा वाटर सप्लाई री- ऑर्गनाइजेसन स्कीम, ट्रांस यमुना जोन की प्रगति की समीक्षा में पाया कि उक्त प्रोजेक्ट 01 अगस्त 2025 को स्टार्ट हुआ है तथा 31 जुलाई 2027 पूर्ण करने की अवधि है जिसमें प्रस्तावित 11 ओवरहेड टैंक का कार्य 35 प्रतिशत,04 सीडब्ल्यूआर की प्रगति 10 प्रतिशत, हाउस कनेक्शन 65 प्रतिशत, डिस्ट्रीब्यूशन लाइन 75 प्रतिशत कार्य किया गया है. इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित को संपूर्ण कार्य को तय समयसीमा में पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए. डीएम ने सभी प्रगतिमान प्रोजेक्ट में भूमि संबंधी या अन्य समस्याओं को चिह्नित कर एडीएम नमामि गंगे को अवगत कराने प्रभावी कार्यवाही कर उनका निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
ये दिए निर्देशजिलाधिकारी ने जलकल विभाग को स्पष्ट निर्देशित किया कि पेयजल की नियमित क्वालिटी जांच करने , उचित गुणवत्ता के जल की सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, पेयजल आपूर्ति न होने की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा, उन्होंने सुगम पेयजल आपूर्ति न होने वाले क्षेत्रों, कॉलोनियों को चिह्नित कर आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए. बैठक में सीवरेज व्यवस्था, स्थापित तथा निर्माणाधीन एसटीपी, यमुना नदी में गिर रहे नालों की टैपिंग इत्यादि की विस्तार से समीक्षा की, जिसमें बताया गया कि 40 नालों की टैपिंग हेतु कार्यवाही प्रगति पर है,जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन सभी एसटीपी के कार्यों में शीघ्रता लाने व सभी को दी गई समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए तथा जो एसटीपी पूर्ण हो चुके हैं उन्हें अनुमन्य क्षमता के साथ संचालित करने सहित सभी नालों की टैपिंग हेतु प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए. बैठक में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे ज़ुहैर बेग, अधिशासी अभियंता एहतशामुद्दीन, महाप्रबंधक जलकल सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे.