यूपीलीक्स…यूपी में 4200 करोड़ से बना देश का सबसे महंगा कानपुर—लखनऊ एक्सप्रेसवे 42 दिन भी नहीं चला. 6 स्थानों पर सड़क धंसी, 40 जगह पैच वर्क…अब टोल वसूली पर लगी रोक..
13 जुलाई 2026 को यूपी में देश का सबसे महंगा एक्सप्रेस वे का लोकार्पण हुआ था. कानपुर से लखनऊ के बीच बने इस एक्सप्रेस वे को अत्याधुनिक तकनीक, विश्वस्तरीय निर्माण और भविष्य की स्मार्ट सड़क परियोजना के रूप में पेश किया गया था. करीब 63 किमी की दूरी के इस एक्सप्रेस वे एनएचएआई ने करीब 4200 करोड़ रुपये खर्च किए. टोल की कीमत एक तरफ की 275 रुपये प्रति चारपहिया वाहन रखी गई थी. जो कि देश का सबसे महंगा टोल है.42 दिन भी नहीं चला एक्सप्रेस वे
देश का सबसे महंगा यह कानपुर एक्सप्रेस वे अब एनएचएआई के साथ सरकार की भी किरकिरी बन चुका है. पिछले 20 दिन में एक्सप्रेस वे पर पांच जगह सड़क धंस चुकी हैं. हालत यह है कि उन्नाव से लखनऊ के बीच 63 किमी लंबे एक्सप्रेस वे के 45 किमी ग्रीन फील्ड हिस्से में 40 जगह छोटे—बड़े पैबंद यानी पैचवर्क के निशान है. सड़क की सतह आसमान होने से वाहन जैसे ही रफ्तार पकड़ता है तो तेज झटके महसूस होने लगते हैं.
बीते बुधवार को गोमती नगर स्थित एनएचएआई की लखनऊ यूनिट में इसको लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई जिसमें एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशान ने बताया कि प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को लापरवाही के चलते हटाया गया है. यही नहीं मरम्मत कार्य पूरा होने तक टोल वसूली पर रोक लगा दी गई है. अब नए अधिकारी की निगरानी में सड़क को सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा. पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया को चार्जशीट दी गई है. वहीं निर्माण एजेंसी को अयोग्य घोषित किया गया है.