आगरालीक्स…आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि का यारा इंडिया के साथ हुआ अनुबंध. किसानों की जागरूकता के लिए होंगे ये काम
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा और यारा इंडिया के बीच किसानों की जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) इस वर्ष दोबारा हस्ताक्षरित किया गया। यह पहल भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के तत्वावधान में शुरू की गई है। वर्ष 2023 से 2024 एक वर्ष तक पहले भी ये अनुबंध हुआ था जिसके बेहतरीन कार्यक्रम और आउटरीच गतिविधियों के लिए ही ये रेडियो कार्यक्रम waves अवार्ड्स 2025 में सेमीफइनल में कृषि केटेगरी में सेलेक्ट हुआ था.
MoU की मुख्य बातें
आगामी 12 महीने (सितम्बर 2025 – अगस्त 2026) तक प्रसारण
कुल 180 रेडियो एपिसोड, प्रत्येक 30 मिनट का
प्रमुख विषय:
उर्वरकों का संतुलित उपयोग
फसल पोषण प्रबंधन
मिट्टी की सेहत
टिकाऊ एवं लाभकारी खेती
विशेषताएँ: विशेषज्ञ वार्ता, पैनल चर्चा, सफल किसानों की कहानियाँ और इंटरव्यू
10 आउटरीच प्रोग्राम – किसानों से सीधे संवाद के लिए
सभी प्रसारण यूट्यूब चैनल – कम्युनिटी रेडियो 90.4 “आगरा की आवाज़” पर भी उपलब्ध होंगे
- प्रमुख वक्तव्य
प्रो आशु रानी (कुलपति, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय):
“इस सहयोग से हम अधिक से अधिक किसानों तक पहुँच पाएँगे और उन्हें अपनी कृषि पद्धतियों को सुधारने के लिए उपयोगी जानकारी दे सकेंगे। हमारा सामुदायिक रेडियो वर्ष 2010 से निरंतर समाज के सभी वर्ग और क्षेत्र में सफलतापूर्वक कार्य कर उपलब्धि हासिल कर रहा हैँ. पिछले वर्ष भी यारा इंडिया के साथ एक साल का सफल रेडियो कार्यक्रम अनुबंध हुआ और अब फिर पुनः एक वर्ष का ये नया अनुबंध वर्ष 2025-2026 के लिए हैँ ”
श्री संजीव कंवर (प्रबंध निदेशक, यारा साउथ एशिया):
“यह पहल केवल गुणवत्तापूर्ण उत्पाद देने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को सही ज्ञान और जानकारी उपलब्ध कराकर उनकी उत्पादकता और समृद्धि में योगदान करने का एक ऐतिहासिक कदम है।”
श्री अजय मिश्रा (कुलसचिव, डॉ भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय)-
विश्वविद्यालय की सामुदायिक रेडियो टीम को बहुत बधाई जो निरंतर रेडियो को आर्थिक रूप से भी सक्षम बनाने के लिए और समाज में जागरूकता लाने के लिए ऐसे MOU और रेडियो कैंपेन और प्रोजेक्ट्स करते रहते हैँ और हमारा ये रेडियो davp से इम्पैनल भी हैँ”
प्रो. अर्चना सिंह (निदेशक, कम्युनिटी रेडियो 90.4):
“रेडियो की पहुँच गाँव-गाँव तक है। इस पहल के जरिए हम किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में ठोस कदम आउटरीच गतिविधियों से बढ़ा रहे हैं।”
पूजा सक्सेना (प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव एवं प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर):
“कार्यक्रम को किसानों की ज़रूरतों के अनुसार तैयार किया गया है। यह रेडियो तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आउटरीच प्रोग्राम और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी किसानों तक पहुँचेगा।”
तरुण श्रीवास्तव (रेडियो इंजीनियर)- हमारा सामुदायिक रेडियो की विशेषता ये हैँ की समय के साथ चलते हुए रेडियो कार्यक्रम प्रसारित भी करता हैँ और हमारे 90.4 आगरा की आवाज़ के यूट्यूब पेज पर यहीं कार्यक्रम सभी लोग देश के किसी भी कोने में बैठे हुए कभी भी देख सकते हैँ “
- विशेष आभार
आज आयोजित कार्यक्रम में यारा फ़र्टिलाइज़र इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से उपस्थित रहे
डॉ. राजीव मिश्रा, एग्रोनॉमी प्रमुख, यारा इंडिया
राजेश रैना, वरिष्ठ प्रबंधक, जनसंपर्क, यारा इंडिया
श्रीमती वनिशा विज, पी.ए. एवं संचार, यारा इंडिया जिनका विशेष आभार व्यक्त किया गया और अनुबंध हस्ताक्षर कार्यक्रम का सफल संचालन और तकनीकी सहयोग के लिए रेडियो इंजीनियर श्री तरुण श्रीवास्तव की सराहना की गई।
यह पहल विश्वविद्यालय और यारा इंडिया के सहयोग से किसानों की भलाई और सतत कृषि विकास की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है, जो आने वाले समय में किसानों की उत्पादकता और जीवन स्तर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।