आगरालीक्स…अच्छी खबर, आगरा में मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक मेट्रो का पहला ट्रायल कल..इन स्टेशनों के बीच से जाएगी मेट्रो
आगरा के लिए साल जाते जाते अच्छी खबर आई है. आगरा में मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक मेट्रो का ट्रायल कल मंगलवार को होने जा रहा है. ट्रायल में मनकामेश्वर यानी बिजलीघर से आईएसबीटी तक मेट्रो पांच से 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी. यह परीक्षण अपलाइन में होगा जिस पर ट्रैक का काम पूरा हो चुका है. परीक्षण के बाद आधा दर्जन टीमें ट्रैक, सिग्नल सहित अन्य की जांच करेंगी.

इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी मेट्रो
आगरा में मेट्रो का पहला कॉरिडोर टीडीआई मॉल से सिकंदरा के बीच का है. टीडीआई मॉल पर बने ताज पूर्वी मेट्रो स्टेशन से बिजलीघर स्थित मनकामेश्वर स्टेशन तक मेट्रो इस समय संचालित है. इसके आगे के स्टेशन एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, आरबीएस, आईएसबीटी, गुरुद्वारा गुरु का ताल और सिकंदरा हैं. मंगलवार को ट्रायल होगा वो मनकामेश्वर से एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, आरबीएस और आईएसबीटी तक ट्रायल होगा. आईएसबीटी मेट्रो स्टेशन अभी अधूरा है लेकिन जहां तक ट्रैक का काम पूरा हो चुका है वहां तक मेट्रो का ट्रायल होगा. बता दें कि एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी और आरबीएस मेट्रो स्टेशन अंडरग्राउंड हैं जबकि हाइवे पर बाकी के तीन स्टेशन आईएसबीटी, गुरुद्वारा गुरु का ताल और सिकंदरा स्टेशन एलिवेटेड हैं.
क्या होता है ट्रायल रन ?
किसी भी सेक्शन में पहली बार ट्रेन संचालन (यह परखने के लिए की संचालन यात्रियों के लिए सुचारू रूप से किया जा सकता है या नहीं) को ट्रायल रन कहते हैं । आगरा मेट्रो पहली बार मनकामेश्वर स्टेशन के आगे आईएसबीटी तक बिना किसी अवरोध सफलतापूर्वक संचालित की गई । आईएसबीटी से सिकंदरा तक शेष खंड के एलिवेटेड खंड पर सिविल कार्य भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसी प्रकार, दूसरे कॉरिडोर (आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक) का निर्माण कार्य भी तेजी से किया जा रहा है ताकि परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके और आगरा के लोगों को समयबद्ध तरीके से विश्व स्तरीय मेट्रो प्रणाली प्रदान की जा सके।
ऐसे होता है भूमिगत ट्रैक का निर्माण
भूमिगत मेट्रो निर्माण हेतु सबसे पहले स्टेशन का निर्माण किया जाता है। स्टेशन का ढांचा तैयार होने के बाद लॉन्चिंग शाफ्ट का निर्माण कर टनल बोरिंग मशीन लॉन्च की जाती है। टीबीएम मशीन के जरिए गोलाकार टनल बनकर तैयार होती है। टनल का आकार गोल होने के कारण सीधे ट्रैक बिछाना संभव नहीं है, इसलिए यहां ट्रैक स्लैब की कास्टिंग की जाती है। इसके बाद इसी समतल ट्रैक स्लैब बैलास्टलेस ट्रैक बिछाया जाता है।
बता दें की शेष भूमिगत भाग में टनल निर्माण टीबीएम मशीन द्वारा किया जाता है एवं आगरा मेट्रो में पूरे भूमिगत भाग के लिए चार टीबीएम मशीनों का प्रयोग किया गया है ।