आगरालीक्स…हेपेटाइटिस बी और सी साइलेंट किलर हैं, इसका इलाज संभव है और बच भी सकते हैं। हेपेटाइटिस डे पर आगरा गेस्ट्रो लिवर सेंटर, रघुनाथ काम्प्लेक्स में निशुल्क हेपेटाटिस जांच शिविर लगाया, बीमारी के बारे में जागरूक किया।
आगरा गेस्ट्रो लिवर सेंटर, रघुनाथ काम्प्लेक्स के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. समीर तनेजा, दिनेश गर्ग ने बताया कि हेपेटाइटिस ए, बी, सी और ई है। इस समय दूषित पानी और खाद्यपदार्थ का सेवन करने से हेपेटाइटिस ए और ई की समस्या ज्यादा मिल रही है। अधिकांश मामलों में यह बीमारी 15 से 20 दिन में ठीक हो जाती है। एक प्रतिशत केस में बीमारी बिगड़ सकती है ।

डॉ. विनीत चौहान डॉ. पंकज कौशिक ने बताया किएक से दो वर्ष तक बच्चों को हेपेटाइटिस ए का टीका लगवा सकते हैं। हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमित खून, असुरक्षित यौन संबंध, मां से बच्चे को होने का खतरा रहता है। गर्भवती को हेपेटाइटिस की जांच जरूर करानी चाहिए। हेपेटाइटिस बी की रिपोर्ट निगेटिव आने पर टीका लगवा सकते हैं। हेपेटाइटिस सी तीन महीने के इलाज से ठीक हो जाती है, हेपेटाइटिस बी में इलाज लंबा चलता है। कुछ केस में कोई दवा लेने की जरूरत नहीं होती है।
इलाज न कराना हो रहा घातक
हेपेटाइटिस बी और सी का इलाज न कराना घातक हो रहा है। हेपेटाइटिस का इलाज न कराने से लिवर डैमेज होने लगता है, लिवर पूरी तरह से खराब भी हो जाता है। इस तरह के मामलों में मरीजों की जान बचाना मुश्किल होता है।