आगरालीक्स….. आगरा में आनुवांशिक रोगों की पहचान और इलाज की सुविधा । उजाला सिग्नस रेनबो हाॅस्पिटल में जेनेटिक क्लीनिक की शुरूआत, इसमें सर गंगाराम हाॅस्पिटल दिल्ली की डा. वेरोनिका अरोरा मरीजों को परामर्श देंगी। ओपीडी महीने में दो बार लगेगी।
डा. वेरोनिका ने बताया कि माता-पिता से विरासत में मिलने वाले जीन्स में से कुछ हमारी सेहत पर असर डालते हैं। कुछ रोग हैं, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को आसानी से अपना शिकार बना लेते हैं। अगर आप सोचते हैं कि इन रोगों से जूझना आपकी नियति है तो एक बार सही तथ्य जरूर जान लें। सच तो यह है कि पोषण, व्यायाम और बेहतर जीवनशैली से जीन्स की सेहत सुधारी जा सकती है।

रक्ताल्पता, डीप वेन थ्रोंबोसिस, मल्टीपल स्केलेरोसिस, डायबिटीज, पार्किंसंस, थैलेसीमिया, सिस्टिक फाइब्रोसिस, हीमोफीलिया, डाउन सिंड्रोम समेत कई समस्याएं आनुवांशिक हो सकती हैं। हालांकि इनमें से कई ठीक हो सकती हैं, जबकि कई लाइलाज होती हैं, लेकिन उनका प्रबंधन किया जा सकता है। तमाम आनुवांशिक रोगों से बचने के लिए शादी से पहले मेडिकल कुंडली के मिलान या गर्भावस्था के दौरान होने वाली कई जांचों से भी बचा जा सकता है। हम ऐसी कई प्रेग्नेंसी को रोक सकते हैं जिनसे बच्चे में कोई जन्मजात विसंगति आने की संभावना हो। उजाला सिग्नस रेनबो हाॅस्पिटल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि आनुवांशिक बीमारियां वे होती हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे जाती हैं। इनका इलाज संभव है अगर समय से इनकी पहचान कर ली जाए। अधिकांश लोगों को बीमारी का पता देर से चलता है जब वे बडे़ शहरों में इलाज के लिए जाते हैं। अब आगरा में ही पहचान और इलाज दोनों संभव है। उजाला सिग्नस रेनबो हाॅस्पिटल में अधिकांश जांचें उपलब्ध हैं जो भविष्य के खतरों से बचा सकती हैं। यह जांचें शादी से पहले, गर्भधारण से पहले या गर्भावस्था के दौरान कराई जा सकती हैं। उजाला सिग्नस रेनबो हाॅस्पिटल में मरीजों को परामर्श देने के लिए इन समस्याओं की विशेषज्ञ डा. वेरोनिका महीने में दो बार उपलब्ध रहेंगी।