आगरालीक्स…आगरा के छीपीटोला जैन मंदिर में हुआ तीन मुनिराजों का भव्य मंगल प्रवेश. ढोल नगाड़ों, बैंड बाजों के साथ हुई भव्य अगवानी. जगह—जग पर हुए 108 पाद प्रक्षालन…
आगरा में प्रथम बार राज पैराडाइस, सेवला रोड से विहार कर छीपीटोला स्थित जैन मंदिर में संतचर्या शिरोमणी पट्टाचार्य आचार्य भगवन श्री 108 विशुद्ध सागर जी महा मुनिराज के तीन अनमोल रत्न त्रियमुनिराज परम् प्रभावक सुयोग्य शिष्य जगत् विख्यात गूगल बाबा श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज , श्रमण मुनि श्री 108 शील सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश हुआ.सदर बाजार जैन मंदिर से भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ. शोभायात्रा जैन ध्वजा ढ़ोल, झांकी, बैंड बाजो के साथ शहज़ादी मंडी, मेहर सिनेमा, आईजी ऑफिस की ओर से श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, जैन भवन, निर्मल सेवा सदन छीपीटोला पहुंंची. इसमें सबसे पहले महिलाएं जैन ध्वजा लेकर चल रही थी, झांकी में कलश लेकर बैंड अपनी मधुर ध्वनि से भजन प्रवाहित कर रहे थे जिस पर महिलाएं और युवा अपनी भक्ति में झूम रहे थे. ढोल नगाड़ों, बैंड बाजों के साथ भव्य अगवानी हुई. जगह-जगह पर 108 पाद प्रक्षालन हुए. अगवानी में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी की झांकी और जीवन परिचय के समत्व सागर जी महाराज जी की झांकी आकर्षित कर रही थीं. मुनिराजों के मंच पर आते ही पंडाल जयकारों से गूंज उठा. विशाल पंडाल ऐसा लग रहा था जैसे किसी मंदिर का प्रांगण हो और वहां भक्त उत्सव मना रहे हों. शास्त्री जी द्वारा मंगलाचरण किया गया. इसके बाद दीप प्रज्जवलन, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट आदि मांगलिक कार्य संपन्न हुए. मुनि श्री का पाद प्रक्षालन किया गया. मंच संचालन विजय शास्त्री ने किया गया.

गूगल बाबा श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज ने अपनी अमृतवाणी से कहा आपने अपने जीवन में, अपने संपूर्ण जीवन पर्यन्त बहुत कुछ किया होगा. इस जगत में जीव सामान्यतः चार प्रकार के पुरुषार्थों का वर्णन करते हैं, ये चार ही पुरुषार्थ जगत में सारे जीव करते दिखाई देते हैं. सबसे प्रथम है धर्म पुरुषार्थ, किन्तु अधिकांश लोग जिस भागदौड़ में लगे हुए हैं, जितने भी जीव इस संसार की भागदौड़ में लगे हुए हैं, वे मेहनत कर रहे हैं, पुरुषार्थ कर रहे हैं, लेकिन उनका अधिकांश पुरुषार्थ सुख के लिए ही है, वे सुख की खोज में ही लगे हुए हैं. बहुत सारे जीवों ने अनंत बार, अनंत प्रकार के पुरुषार्थों को किया है, लेकिन फिर भी जीव सुखी नहीं हुए. किन्तु जितने भी जगत के जीव हैं, उन्हें आज आगरा आकर देखना चाहिए कि पुरुषार्थ कैसे किया जाता है.

इस मौके पर श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के मनोज जैन, मुरारी लाल जैन, अनिल जैन, जगदीश प्रसाद, राकेश जैन, नीरज जैन जिनवाणी, अमित जैन (बाबी), आशीष जैन, रमेश जैन, मुकेश जैन, सतेंद्र जैन, राजीव जैन, आशीष जैन (बाबा), चक्रेश जैन, रोहित जैन, अनिकेत जैन, आदिश जैन गौरव जैन, सचिन जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन समस्त नमोस्तु शासन संघ एवं समस्त मंडल, महिला मंडल, समस्त नमोस्तु शासन संघ एवं समस्त मंडल व महिला मंडल एवं सकल जैन मौजूद था.