आगरालीक्स…आगरा में 2300 जगह पर थोड़ी देर में शुरू होगा होलिका दहन. जानें शुभ मुहूर्त और पूरी जानकारी
ताजनगरी होली के रंग में रंगी नजर आ रही है। शहर के कोने-कोने में होली की गूंज है। जोर-शोर से होली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बाजारों में रोनक दिखाई दे रही है। वहीं दुकानों में अलग-अलग प्रकार के रंगों, अबीर, गुलाल और विभिन्न प्रकार की पिचकारियां सजी हैं। त्योहार को लेकर लोग बाजारों में खरीददारी में जुटे हैं। वहीं बच्चे मनपसंद पिचकारियां खरीदते नजर आ रहे हैं। आगरा में 2300 स्थानों पर होलिका रखी गई है। होली की तैयारियों के लिए सोमवार को शहर के बाजारों में काफी भीड़ नजर आ रही है। लोग रंग-गुलाल और बच्चों ने पिचकारियों की खरीददारी कर रहे हैं। शहर के प्रमुख बाजारों के अलावा गली-मोहल्लों और चैराहों पर रंग-गुलाल और पिचाकारियों की लगी दुकानों पर खरीददारों की भीड़ रही। जगह-जगह ठेलों पर रंग-गुलाल बेचने वालों ने अपने रंग व गुलाल का प्रदर्शन करने के लिए खुद ही अपने चेहरे रंग लिए थे। बच्चों में होली का उत्साह दिन में ही दिखना शुरू हो गया।शहर में होलिका दहन सोमवार को मनाया जा रहा है। गलियों, कालोनियों और मुख्य मार्गों पर सजाई गई होलिका का पूजन किया जा रहा है। कहीं लकडी से तो कहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कंडे से होलिका सजाई गई। लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दे रहे हैं। फागों के गीत-संगीत के कार्यक्रम भी चल रहे हैं। शुभ घडी में शाम को होलिका दहन किया जाएगा। इसकी लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार चंद्र ग्रहण के चलते रंगोत्सव एक दिन बाद यानी 4 मार्च को होगा।
फाल्गुन शुक्ल पक्ष की प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को होलका दहन किया जाता है क्योंकि इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल पक्ष 14 दिन सोमवार दिनांक 02 मार्च 2026 को चतुर्दशी तिथि सायं 05:56 पर ही समाप्त हो जाएगी एवं पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी इसी दिन होलिका का दहन किया जाना शुभ माना जाएगा।
होली का पर्व (होलिका दहन) रंगवाली होली से 1 शाम पहले होलिका दहन किया जाता है, या उसे दिन रंग खेलने से पहले फूल का दहन होता है. इस साल 2026 में होलिका दहन सोमवार 02 मार्च 2026 की सांय 06:36 से रात्रि 09:00बजे तक या 04 मार्च की सुबह 04:30से 06:30 तक चौराहों मोहल्लों और घरों वाली होलिका दहन किया जा सकता है. होली का चाक पूजन भी 2 मार्च को ही होगा. जिन लोगों के यहां सुबह पूजा की जाती है वो भी 2 मार्च को ही करें।