आगरालीक्स…आगरा में हेलीकॉप्टर से दुल्हनिया लाया दूल्हा. आप भी हेलीकॉप्टर से लाना चाहते हैं तो जानिए कितना होता है खर्चा और जानिए सभी नियम सहित पूरी जानकारी
आगरा में तीन दिन पहले एक युवक अपनी दुल्हनिया को हेलीकॉप्टर से लेकर आया तो देखने वालों की भीड़ लग गई. चाहर बाटी क्षेत्र अकोला के चौधरी चरण सिंह महाविद्यालय के प्रांगण में यह हेलीकॉप्टर उतरा. दुल्हा विवेक चाहर और दुल्हन नेहा चौधरी के साथ हेलीकॉप्टर को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई. दूल्हे का कहना था कि उसे स्वर्गवासी दादा की इच्छा थी कि नाती की शादी के बाद दुल्हन को गांव हेलीकॉप्टर से लाया जाए. इसलिए परिवार ने बस उन्हीं की इच्छा पूरा किया है.
आगरा में हेलीकॉप्टर से दुल्हन लाने की कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी ग्रामीण इलाकों में कई दूल्हा अपनी दुल्हन को हेलीकाप्टर से विदा करके लाए हैं. कई लोग तो अपनी बारात भी हेलीकॉप्टर से लेकर जाते हैं. लेकिन क्या आपने सोचा है कि हेलीकॉप्टर से दुल्हन को लाने या बारात ले जाने में कितना पैसा खर्च होता है. दरअसल, देश में कई कंपनियां हेलीकॉप्टर किराए पर देती हैं. इनमें अरिहंत, पवन हंस, बद्री हेलीकॉप्टर्स, ब्यूहाइट्स एविएशन प्राइवेट लिमिटेड आदि हैं. ये कंपनियां देशभर के लिए अपनी सर्विस देती हैं.
कितना होता है किराया और किस हिसाब से होती है बुकिंग
हेलीकॉप्टर का किराया उसके साइज,सीट और दूरी के अनुसार तय होता है. हेलीकॉप्टर को धंटे के हिसाब से बुक कराया जाता है. ऐसे में किराया प्रति घंटे के हिसाब से तय होता है. एक अनुमान के अनुसार हेलीकॉप्टर के किराए की शुरुआती कीमत 50हजार रुपये प्रति घंटे से तय होती है. आप इसे जितनी दूर और जितनी देर के लिए ले जाना चाहते हैं, उस हिसाब से कुल किराया होता हे.यह दो लाख या 5 लाख या 10 लाख तक भी हो सकता है.
ये खर्चा भी होता है शामिल
बात सिर्फ हेलीकॉप्टर को किराए पर लेने से खत्म नहीं होती. इस हेलीकॉप्टर को जहां उतरना होता है, वहां भी कई चीजों का इंतजाम करना पड़ता है. इसमें लैंडिंग वाली जगह को तैयार करना, वहां अंग्रेजी का अक्षर एच (H)लिखवाने के लिए पेंटिंग करवाना आदि शामिल होता है. इन चीजों में अतिरिक्त खर्च आता है. ज्यादातर कंपनियां इसमें आने वलो खर्चे को अलग से लेती हैं.
परमीशन भी लेनी होती है
ऐसा नहीं है कि आपने हेलीकॉप्टर बुक किया और काम खत्म हो गया. इसके लिए आपको कई तरह की परमिशन भी लेनी होती है. पहली परमिशन एयरफोर्स की तरफ से दी जाती है. वहीं दूसरी परमिशन एयरपोर्ट अथॉरिटी या स्थानीय प्रशासन से लेनी होती है. ये परमीश लेने का काम हेलीकॉप्टर आपरेटर का होता है. बुकिंग कराने वाले का नहीं. आगरा के अकोला में जब हेलीकॉप्टर से दुल्हन और दूल्हा उतरे थे तो उस समय वहां पुलिस प्रशासन और फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी तैनात थी.