आगरालीक्स… आगरा में स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव न कराए जाने पर डीएम नवनीत सिंह चहल ने जताई नाराजगी, कहा मातृ मृत्यु दर को करें कम।

बुधवार को डीएम नवनीत सिंह चहल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सर्वप्रथम जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा की गयी, जिसमें विकास खण्ड अछनेरा व शमशाबाद में प्रसव कराने में गिरावट दर्ज की गयी। अछनेरा प्रभारी ने बताया कि स्टाफ नर्स की कमी, कुछ प्रसव के केस स्थानान्तरण होने से यह कमी आई है। आशाओं द्वारा कराए गए प्रसव में भी खंदौली, अछनेरा, बिचपुरी, सैंया तथा जिला महिला चिकित्सालय में भी कमी दर्ज की गई, सिजेरियन केस की समीक्षा में पाया कि बाह तथा खेरागढ़ में 05, 05, अछनेरा में 11, शमशाबाद में 04, एत्मादपुर में 06, जिला महिला चिकित्सालय में 155 केस किए गए, सबसे खराब स्थिति जगनेर की रही। जिलाधिकारी महोदय ने अधिकतम प्रसव केन्द्रों पर प्रसव कराने के निर्देश दिए। बैठक में सीजेरियन प्रसव सेवाओं की स्थिति संतोषजनक न होने पर निर्देशित किया कि सीजेरियन प्रसव सेवायें सीएचसी पर ही उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। अप्रैल, मई में मातृ मृत्यु फतेहपुर सीकरी में 02, अकोला में 01 व जैतपुर कला में 01 तथा एसएन मेडिकल कॉलेज में 04 मातृ मृत्यु दर दर्ज की गई, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा सभी ए0एन0एम0, आशा व आशा संगिनी को ब्लाक स्तर पर गर्भवती महिलाओं का डाटा संग्रहण कर उनकी मोनिटरिंग के कड़े निर्देश दिए। मातृ मृत्यु के संभावित कारणों में पी0पी0एच0 प्री एक्लेम्सिया हार्ट फेल्योर, थ्रोम्बोसाइटोपेनिया हार्ट फेल्योर एवं एनिमिया जैसे कारण रहे। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि जनपद में एनिमियां की कमी से मातृ मृत्यु बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को पूर्व में ही इस हेतु खान-पान सम्बन्धी जानकारी व सलाह, हीमोग्लोबिन टैबलेट व संवेदनशीलता के साथ सुपर विजन करने के निर्देश दिए।