आगरालीक्स…. आगरा में पेरू, दक्षिणी अमेरिका की मदद से अंतराष्ट्रीय आलू केंद्र बनेगा। निर्यात योग्य आलू की प्रजातियों के शोध के लिए सींगना में जमीन 99 साल के लिए लीज पर निशुल्क दी।

आगरा के सींगना में 10 हेक्टेयर जमीन राष्ट्रीय बावानी बोर्ड को गुरुग्राम हरियाणा को 99 साल के लिए निशुल्क लीज पर दिया गया। इस जमीन पर राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र के साथ अनुबंध कर साउथ एशिया रीजनल सेंटर स्थापित करेगा।
दक्षिण एशिया के देशों में पहला केंद्र
दक्षिण एशिया के देशों में भारत में यह पहला आलू अनुसंधान केंद्र होगा जिसमें निर्यात योग्य प्रजातियों पर शोध व उनको विकसित किया जाएगा।
तीन साल के लिए पालीवाल पार्क स्थित केंद्र भी दिया
इसके साथ ही पालीवाल पार्क स्थित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के भवन को भी तीन साल के लिए अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र के रीजनल सेंटर के संचालन के लिए निशुल्क देने को मंजूरी दे दी गई है। इस केंद्र पर अगले पांच वर्षों में 212 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, 65 करोड़ रुपये से इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर और 56 करोड़ रुपये आपरेशन कार्यों में व्यय होंगे। यह धनराशि केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।
आलू निर्यात की प्रजाति के लिए होगा शोध
आगरा में खुलने जा रहे अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र में आलू की ज्यादा उपज वाली, निर्याव व प्रसंस्करण योग्य, जलवायु के अनुकूल रोगों व कीटों से प्रतिरोधी, पोषक तत्वों से भरपूर और लंबे समय तक भंडारण योग्य प्रजातियों के लिए शोध किया जाएगा। इन प्रजापतियों के उत्पादन से किसानों को आलू का अच्छा रेट मिल सकेगा।