आगरालीक्स…आगरा तेरी आँखों मे जो देखूँ ज़माना भूल जाता हूँ…आगरा में हुआ काव्यधारा कवि सम्मेलन. देश के कोने कोने से आए कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से मोहा मन
ग्लैमर लाइव फिल्म्स द्वारा भावना क्लार्क्स इन में काव्यधारा कवि सम्मेलन का आयेाजन किया गया; इसमें देश के कोने कोने से आए कवियों ने अपने कविता पाठ के माध्यम से अपने विचार दिए। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माँ के चित्र पर माल्यार्पण करके एवं दीप प्रज्वलन करके किया। इसमें एडिशनल कॉमिशनर पुलिस केशव कुमार चौधरी, एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर, प्रील्यूड स्कूल के सुशील गुप्ता, मुकेश यादव, गजेंद्र सिंह एवं सूरज तिवारी शामिल थे।
इसके बाद ग्लैमर लाइव फिल्म्स के निदेशक सूरज तिवारी ने कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये कार्यक्रम युवाओं को अपनी संस्कृति, विरासत, साहित्य और दर्शन का बोध कराते हैं साथ ही समाज में हिंदी भाषा एवं साहित्य को ज़िंदा रखने का कार्य भी करते हैं। पूरन डावर ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि कवि सम्मेलन हमें अपने साहित्य के करीब ले जाने का काम करते हैं बल्कि हमारे अंदर साहित्यिक विकास का भी काम करते हैं, ऐसे आयोजन समय समय पर होते रहने चाहिए। केशव कुमार चौधरी एडिशनल कॉमिशनर ने कहा कि आगरा संस्कृति एवं साहित्य के मामले में बहुत रिच है, यहां कहीं सूरदास हैं तो बृज में हरिदास,। तानसेन ,ग़ालिब,नज़ीर आदि के शहर में इस तरह के सिलसिले कभी बैंड नहीं हो सकते हैं, हमें अपनी विरासत और संस्कृति पर गर्व है।
इसके तुरंत बाद सरस्वती वंदना से कवि सम्मेलन का विधिबत आगाज़ हुआ।शुरुआत में दिल्ली से आए हास्य कवि कलाकार विनोद पाल ने अपने कविता पाठ में कहा कि: तेरी आँखों मे जो देखूँ ज़माना भूल जाता हूँ, मैं पीना भूल जाता हूँ मैं खाना भूल जाता हूँ…सूरत से आई सोनल जैन ने अकेलापन सजाने का, मज़ा कुछ और होता है…कानपुर से हेमंत पांडेय ने नेता जी घर आये है..लड्डू पूड़ी लाये है जैसी कविता सुनाकर हर किसी का मन मोह लिया. वीर रस के कवि ईशान देव ने हमको कोई कायर ना समझे,हम हर जवाब तन कर देंगे…तथा नोएडा की खुशबूशर्मा ने कहा कि मैं वो फूल नहीं हूं जो बिखर जाऊंगी, मैं वोखुशबू हूँ जो सांसों में उतर जाऊंगी। कार्यक्रम का सफल संचालन दीपक जैन ने किया और धन्यवाद ज्ञापन संस्था के अध्यक्ष एवं कवि सम्मेलन के संयोजक सूरज तिवारी ने किया।