आगरालीक्स…आगरा की कॉलोनियों का हाल देखिए. घरों के आगे लम्बी—लम्बी रैम्प बनाली जाती हैं. कॉलोनियों की सड़क पर दोनों ओर खड़ी होती हैं गाड़ियां. बन रही झगड़ों की वजह. शहर में चल रहा अतिक्रमण अभियान..इस ओर भी तो हो ध्यान
दयालबाग की एक कॉलोनी में रहने वाले अभिनव शर्मा का कुछ दिन पहले पड़ोस में रहने वाले राजू गुप्ता से झगड़ा हो गया. झगड़े का कारण ये था कि राजू गुप्ता ने अपने घर के आगे लम्बी रैंप बना ली है. इसके कारण सड़क का काफी हिस्सा रैम्प में आ गया है तो वहीं राजू गुप्ता के सामने रहने वाले आशीष चंदेल की गाड़ी उनके घर के आगे खड़ी होती है. एक तरफ लम्बी रैंप और दूसरी ओर चारपहिया गाड़ी खड़ी होने की वजह से इनके बीच में से किसी दूसरी गाड़ी को निकलने में परेशानी होती है. ये झगड़ा तो दयालबाग की एक कॉलोनी का है लेकिन अगर देखा जाए तो ये समस्या आजकल आगरा की कई कॉलोनियों में आम बनती जा रही है. कमला नगर हो या फिर बल्केश्वर, दयालबाग हो या फिर बिचपुरी. सदर हो या फिर ताजगंज, लोग मनमर्जी से अपने घर के आगे लंबी—लंबी रैंप बना लेते हैं. इसके अलावा पार्किंग न होने के कारण लोग अपने—अपने घरों के आगे चारपहिया वाहन खड़ा कर लेते हैं. ऐसे में कॉलोनी में आने वाले सब्जी वालों या फिर अन्य लोगों को अपनी गाड़ियां निकालने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसके कारण लोगों में आपसी झगड़े भी हो रहे हैं. जहां कॉलोनियों की सड़कें बड़ी होती हैं वहां तो ज्यादा समस्या नहीं आती लेकिन अक्सर छोटी कॉलोनियों में ऐसी समस्याएं ज्यादा आ रही हैं.

रैंप के कारण होता है जलभराव
लोगों द्वारा घरों के आगे लंबी लंबी रैम्प बनाने के कारण इनके नीचे से निकल रही नालियां चोक हो जाती हैं. जिसके कारण बारिश में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है.यही नहीं कई जगह तो नालों पर भी अतिक्रमण कर उन्हें पाट दिया जाता है जिससे सफाईकर्मियों को तो सफाई करने में परेशानी होती ही है साथ ही बारिश में नाला चोक होने से बारिश के साथ नाले का पानी सड़कों पर बहता है.
शहर में इस समय अतिक्रमण अभियान चल रहा है. योगी सरकार द्वारा दिए गए आदेशों के तहत शहर में अवैध कब्जा करने वालों पर एक्शन लिया जा रहा है. अभियान अभी तक मुख्य रूप से बाजारों में चल रहा है. बाजार या हाइवे के पास कुछेक कॉलोनियों में भी अतिक्रमण हटाया है.
जानिए क्या है नियम
घरों के आगे रैम्प बनाना पूरी तरह से अवैध है. अगर घर के आगे नाली या ड्रेनेज सिस्टम है तो उस पर लोहे की जाली ही लगाई जा सकती है.