आगरालीक्स…नंदोत्सव के उल्लास में मगन हुई मिथिला नगरी..जनकपुरी में नंदोत्सव की परंपरा को पुष्प-वर्षा, झूलन आरती और दही-हांडी जैसे आयोजनों ने जीवंत कर दिया…
श्री जनकपुरी महोत्सव महिला समिति द्वारा गुरुवार शाम कमला नगर स्थित टीले वाले मंदिर में नंदोत्सव का आयोजन किया गया। कृष्ण जन्मोपरांत नंदबाबा के आंगन में मनाए जाने वाले नंदोत्सव की परंपरा को पुष्प-वर्षा, झूलन आरती और दही-हांडी जैसे आयोजनों ने जीवंत कर दिया। देर रात तक मंदिर प्रांगण “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंजता रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मंजू मंगल ने दीप जलाकर किया। इस अवसर पर मुख्य संरक्षक व रानी सुनयना अंजू अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि मधु बंसल, संरक्षक मीरा अग्रवाल एवं संगीता पोद्दार मंच पर उपस्थित रहीं।नंदोत्सव के अवसर पर भक्ति गीतों— “मथुरा में जन्मे कन्हैया, बधाइयाँ गोकुल में बाजे जी” तथा “लाला की छठी मनाओ, सखी मंगल गाओ घड़ी-घड़ी” की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। माखन-मिश्री, दधि और शहद से ठाकुरजी का विशेष अभिषेक किया गया, वहीं झूलन-आरती और पुष्प-वर्षा ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। इस अवसर पर समिति की अध्यक्ष सीमा अग्रवाल ने कहा कि “नंदोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामुदायिक समरसता, सेवा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का संकल्प है। जनकपुरी महोत्सव के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रम समाज को जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराते हैं।”
समारोह का समापन महाआरती से हुआ तथा श्रद्धालुओं में माखन-मिश्री व पंचामृत का प्रसाद वितरित किया गया। आयोजकों ने शहरवासियों से आग्रह किया कि वे परिवार सहित जनकपुरी महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों में शामिल होकर भक्ति, संगीत और लोक-परंपराओं से सजे इस महोत्सव का हिस्सा बनें। अंत में श्रीमती श्वेता बंसल ने सभी अतिथियों, समिति सदस्यों और श्रद्धालुओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए नंदोत्सव के सेवा, समरसता और संस्कृति के संदेश को दोहराया।