आगरालीक्स….आगरा के शारदा विवि में 400 से अधिक छात्रों को “उद्भव 1.0 – इमर्जिंग एक्सीलेंस” के जरिए मिली कॅरियर गाइडेंस…
शारदा विश्वविद्यालय आगरा में “उद्भव 1.0 – इमर्जिंग एक्सीलेंस” सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को सशक्त बनाने, उनकी शैक्षिक उत्कृष्टता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में 400 से अधिक विद्यार्थी, 5 स्कूलों के प्रधानाचार्य और 40 से अधिक शिक्षक उपस्थित रहे।
शारदा विश्वविद्यालय आगरा की कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) जयंती रंजन, शारदा विश्वविद्यालय आगरा के निदेशक आउटरीच साइबल चटर्जी, रीजनल मैनेजर आउटरीच नितिन भार्गव, आतिफ़ अतीक सिद्दीकी और वरिष्ठ कार्यकारी पारुल चौधरी जैसे प्रमुख वक्ताओ ने भाग लिया। उन्होनें विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक विचार साझा किए और शिक्षा के महत्त्व, विद्यार्थियों की बदलती भूमिका और उनके सफल भविष्य के लिए आवश्यक कौशल पर जोर दिया।
शारदा विश्वविद्यालय आगरा की कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) जयंती रंजन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग तकनीकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व मशीन लर्निंग का है। विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों द्वारा अपने कौशल को बढ़ाना चाहिए ताकि वो भारत देश को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना योगदान दे सकें। साइबल चटर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि शारदा विश्वविद्यालय आगरा का मानना है कि जब हम अपने विद्यार्थियों को सशक्त बनाते हैं, तो हम समाज की नीव को मजबूत बनाते हैं। उन्होनें यह भी बताया कि शिक्षा ही वह साधन है जो विद्यार्थियों को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी तरीका है और शारदा विश्वविद्यालय आगरा इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
शारदा विश्वविद्यालय आगरा में करियर सत्र के उपरान्त सभी विद्यार्थियों ने परिसर स्तिथ ड्रोन प्रौद्योगिकी कार्यशाला का भी भ्रमण किया, यहां पर प्रौद्योगिकी और ड्रोन के कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में उपयोगिता के बारे में बताया गया। “उद्भव 1.0- इमर्जिंग एक्सीलेंस” सत्र का उद्देशय था कि विद्यार्थियों के भविष्य करियर के लिए सही दिशा-निर्देश और कौशल प्रदान किया जाए, साथ ही नवाचार और उद्यमिता के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। इस अवसर पर शारदा विश्वविद्यालय आगरा के कुलाधिपति पी.के. गुप्ता और उप कुलाधिपति वाई.के. गुप्ता जी ने शुभकामनाएं प्रेषित की।