आगरालीक्स…आगरा में आज राष्ट्रीय लोक अदालत में छह लाख से अधिक वादे सुने गए. सुबह से ही लगी रही लोगों की भीड़
आगरा की आज जिला कोर्ट सहित सभी तहसीलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. दीवानी में सुबह से ही लोगों की फीड़ लगी रही. फाइनेंस कंपनियों सहित विभिन्न विभागों के काउंटरों पर वाद निस्तारण की प्रकिया चलती रही. आगरा में आज 06 लाख से अधिक वाद सुनवाई के लिए चिन्हित किए गए. जिला जज विवेक संगल द्वारा मां सरस्वती की तस्वीर पर दीप प्रज्वलन व फीता काट कर इसका शुभारंभ किया गया. सुबह से ही राष्ट्रीय लोग अदालत में, वादी, प्रतिवादियों बड़ी संख्या में उपस्थिति लगी रही. विभिन्न बैंकों से संबंधित मामलों के निस्तारण हेतु अलग काउंटर की व्यवस्था की गई थी. जिला जज विवेक संगल ने प्रत्येक काउंटर पर जा कर अधिक से अधिक बाद निस्तारण करने के दिए दिशा निर्देश.
उ0 प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है. इसमें आपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम, प्री-लिटिगेशन बैंक वसूली वादों, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक वादों, श्रम वादों, भूमि अधिग्रहण वादों, राजस्व वाद, भारतीय उत्तराधिकार, एवं जल आदि से सम्बन्धित वादों का निस्तारण अधिक से अधिक संख्या में सुलह समझौते के आधार पर किए गए.
लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज विवेक संगल ने किया। उन्होंने मां सरस्वती के चित्र के आगे दीप प्रज्वलन किया। इसके बाद वह राष्ट्रीय लोक अदालत में लगे विभिन्न विभागों के काउंटरों का जायजा लेने गए। उन्होंने अधिक से अधिक वादों का निस्तारण करने के आदेश दिए। इस दौरान उन्हें बुके भेंटकर विभागीय और बैंक अधिकारियों ने स्वागत किया। लोक अदालत के लिए 6 लाख से अधिक वाद चिह्नित किए गए हैं। विवादों के निस्तारण के लिए बैंकों ने अलग-अलग काउंटर लगाए हैं।
इन वादों का हो रहा निस्तारण
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के आदेश पर यहां लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें आपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम, प्री-लिटिगेशन बैंक वसूली वादों, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक वादों, श्रम वादों, भूमि अधिग्रहण वादों, राजस्व वाद, भारतीय उत्तराधिकार, जल आदि से सम्बन्धित वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया जाना है।