आगरालीक्स…आगरा सहित देश के सभी सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव. आगरा से राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने बच्चों की सुरक्षा संबंधी सवाल पूछे….
आगरा से राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने आज राज्यसभा में शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित स्कूलों में छात्रों व शिक्षकों की सुरक्षा तथा परिवहन संबंधी अनुपूरक प्रश्न पूछे। इन प्रश्नों के उत्तर में शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि राज्य सरकारें प्रस्ताव देगी तो देश के सभी सरकारी विद्यालयों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे।
विद्यालय परिसरों में सीसीटीवी नेटवर्क पर सवाल
बुधवार को राज्यसभा में सांसद नवीन ने अनुपूरक प्रश्न किया- क्या मंत्री यह बताने का कष्ट करेंगे कि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए विद्यालय परिसरों में सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित करने की कोई ठोस योजना है? यदि ऐसी योजना नहीं है, तो क्या सरकार इस दिशा में विचार कर रही है, और इसे लागू करने की संभावित समयसीमा क्या होगी? क्या सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को संरचनात्मक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन मानकों के लिए समय-समय पर प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है?
शिक्षा राज्यमंत्री का उत्तर
शिक्षा राज्यंमत्री जयंत चौधरी ने उत्तर दिया, यह महत्वपूर्ण सवाल है। मंत्रालय द्वारा संचालित विद्यालयों में सुरक्षा के दृष्टिगत प्रवेश द्वार, निकास द्वार और संभावित खतरनाक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने का प्रस्ताव है। रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखी जानी चाहिए। गाइड लाइन 1 अक्टूबर, 2021 को जारी की हैं, उसमें भी सीसीटीवी का जिक्र है। स्कूली सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए चलाए जा रहे समग्र शिक्षा में भी सीसीटीवी का प्रावधान है। अगर कोई राज्य सरकार समग्र शिक्षा के अंतर्गत सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी तो उस पर विचार किया जाएगा।
छात्रों के परिवहन पर सवाल
सांसद नवीन जैन ने दूसरा अनुपूरक प्रश्न किया, क्या शिक्षा मंत्री यह स्पष्ट करेंगे कि मंत्रालय द्वारा संचालित विद्यालयों में विद्यार्थियों को घर से विद्यालय और वापसी के दौरान सुरक्षित परिवहन के लिए कौन-कौन से विशेष प्रावधान लागू किए गए हैं? क्या इन वाहनों में मानक क्षमता से अधिक बच्चों के परिवहन की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी की कोई व्यवस्था है? यदि वाहन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का क्या प्रावधान है?
शिक्षा राज्यमंत्री का जवाब
शिक्षा राज्य मंत्री ने अनुपूरक प्रश्न पर खासी गंभीरता दिखाते हुए उत्तर दिया, इस तरह के हादसे सबको झकझोर देते हैं। सरकार गंभारती से ले रही है। गाइड लाइन में उल्लेख है कि परिवहन की जिम्मेदारी सामूहिक तौर पर बनती है। अगर बच्चे को घर से स्कूल लाते समय, ले जाते समय या स्कूल परिसर में लापरवाही की जाती है तो किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत भी कार्रवाई का प्रावधान है।
केंद्र सरकार ने लिखित उत्तर में क्या कहा था
इससे पूर्व लिखित उत्तर में कहा था, भारत सरकार ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों को विभिन्न दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची में है और अधिकांश स्कूल संबंधित राज्य सरकार और संघ शासित प्रदेश प्रशासन के प्रशासनिक नियंत्रण में हैं।
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा स्कूल सुरक्षा एवं संरक्षा पर दिशा-निर्देश 01.10.2021 को जारी किए गए। 26.02.2018 को “स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षा पर मैनुअल” शीर्षक से एक व्यापक मैनुअल विकसित किया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा 27.02.2017 को जारी स्कूल सुरक्षा नीति पर दिशा-निर्देश भी हैं।
सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों के साथ साझा किए गए इन दिशा-निर्देशों में स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा विभिन्न हितधारकों और विभिन्न विभागों की जवाबदेही तय करने के प्रावधान शामिल हैं। राज्यों/संघ शासित प्रदेशों से अपेक्षा की गई है कि वे इन्हें लागू करें तथा वे अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार इनमें कुछ संशोधन शामिल कर सकते हैं।
दिशानिर्देशों का उद्देश्य सुरक्षित स्कूल वातावरण के लिए हितधारकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना, मौजूदा सुरक्षा नीतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, कार्यान्वयन में भूमिकाओं को स्पष्ट करना, स्कूल की गतिविधियों और परिवहन के दौरान बाल सुरक्षा के लिए जवाबदेही तय करना और लापरवाही के खिलाफ सख्त ‘शून्य सहनशीलता नीति’ लागू करना है। बिना किसी विचलन के उनका अनुपालन किया जाना आवश्यक है।
एनडीएमए के दिशा-निर्देशों में स्कूल सुरक्षा नीति पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दिशा-निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी का प्रावधान है, जिसमें वार्षिक मॉक ड्रिल आयोजित करना, अग्निशामक यंत्रों की स्थापना, स्कूल सुरक्षा और आपदा तैयारी में छात्रों और शिक्षकों को प्रशिक्षण, ज्वलनशील और विषाक्त सामग्री के भंडारण के संबंध में सुरक्षा मानदंडों का पालन और केवल उन स्कूलों को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान करना शामिल है जो विशेष रूप से अग्नि सुरक्षा से संबंधित संरचनात्मक सुरक्षा मानदंडों का अनुपालन करते हैं। 22.08.2024 को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल सुरक्षा और संरक्षा पर दिशानिर्देशों को लागू करने की बात दोहराई। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।