आगरालीक्स…आगरा में जुटे मनोचिकित्सक बोले—डॉक्टरों की जगह एआई चैटबॉट के इलाज के टिप्स पर भरोसा कर रहे मरीज. आने वाले समय में और बढ़ सकती है समस्या..
आगरा के होटल जेपी पैलेस में शुरू हुई दो दिवसीय एसोसिएशन फॉर क्लिनिकल साइकेट्री (एसीपी) की वार्षिक गोष्ठी में देश भर से मनोचिकित्सकों ने “भारतीय डिजिटल क्रांति का मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोचिकित्सा पर प्रभाव” पर चर्चा की. एसीपी के नवनियुक्त अध्यक्ष, आगरा के डॉ. यूसी गर्ग ने कहा कि Al Chatbots के बढ़ते प्रभावों से इलाज करना और मुश्किल हो गया है. मरीज एआई चैटबॉट से इलाज की टिप्स लेकर डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं जबकि एआई चैटबॉट मशीन द्वारा जेनरेटेड जानकारी दे रहा है, जिससे मरीजों में भ्रम फैलता है. जबकि मनोरोगियों को डॉक्टरों की बात माननी चाहिए. हर मरीज के लिए इसका अलग इलाज है. इस दौरान उन्होंने एआई चैटबोट्स के सकारात्मक उपयोग पर चर्चा करते हुए कहा कि देश में मनोचिकित्सकों की बहुत कमी है. ऐसे में अधिक से अधिक लोगों तक इलाज उपलब्ध कराई के लिए एआई चैटबॉट्स अच्छा टूल हो सकता है अगर इसका सावधानीपूर्वक इस्तेमाल किया जाए.
आयोजन सचिव व एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में मनोचिकित्सा विभाग में सह आचार्य डॉ काश्यपी गर्ग ने बताया कि इस कांफ्रेंस में पूरे देश से 300 से ज़्यादा मनोचिक्त्सकों ने भाग लिया है, और 25—26 अक्टूबर में, निम्हांस बैंगलोर, पीजीआई चंडीगढ़, केजीएमयु लखनऊ के साथ साथ बनारस, मुंबई, हैदराबाद शहरों के 40 से ज़्यादा वरिष्ठ मनोचिकित्सक अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे. इस कांफ्रेंस में 15 से ज़्यादा अध्ययनरत डाक्टर्स ने अपने शोध पत्र भी प्रस्तुत किए हैं.
आयोजन के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि संसद और केंद्रीय मंत्री, डॉ पी एस सिंह बघेल रहे। उन्होंने बदलते समय के साथ मानसिक रोगियों की बढ़ती संख्या को सम्भालने में डिजिटल तकनीकों के प्रयोग के अवसर को समझने के साथ ही साथ इन तकनीकों के बुरे प्रभाव के बारे में भी चेताया. उन्होंने आशा व्यक्त करी कि इस गोष्ठी में उपस्थित चिकित्सकों के विचार विमर्श से निकलने वाले निष्कर्षणों का उपयोग जन मानस के लिए उपलब्ध मनोचिकित्सा की गुणवत्ता में वृद्धि में सहायक होगा. इनके साथ अन्य वरिष्ठ चिकित्सक भी मौजूद रहे. उद्घाटन समारोह में सम्मानित अतिथि एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रशांत गुप्ता और वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ आर के जैन रहे. उन्होंने समय के साथ बदलते परिवेश में बदलती हुई मानसिक बीमारियों और इलाजों के विषय में बोला. एसीपी के अध्यक्ष प्रोफ़ एस सी तिवारी (लखनऊ), नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ यू सी गर्ग (आगरा), महासचिव डॉ अनुराग वर्मा (प्रयागराज), प्रमुख संपादक डॉ विपुल सिंह (कानपुर), कोषाध्यक्ष डॉ आदर्श त्रिपाठी (लखनऊ) और आयोजन कमेटी के अध्यक्ष डॉ के सी गुरनानी भी उपस्थित रहे.