आगरालीक्स..Agra News : आगरा से अरेस्ट रविंद्र कुमार के मोबाइल में पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट नेहा शर्मा का नंबर चंदन के नाम से सेव था। रात में घंटों बातें करता था। ( Agra News : Ravindra Kumar arrested by ATS save Pakistani ISI agent Neha Sharma Mobile number by name of Chandan, Full detail#Agra )
यूपी एटीएस कीआगरा यूनिट ने आर्डिनेंस फैक्ट्री हजरतपुर, फिरोजाबाद में चार्जमैन के पद पर कार्यरत आगरा के सदर क्षेत्र के बुंदू कटरा के रहने वाले 45 साल के रविंद्र कुमार को अरेस्ट किया गया। रविंद्र कुमार पर आरोप है कि नेहा शर्मा के नाम से संचालित पाकिस्तानी हैंडलर को गगनयान सहित आर्डिनेंस फैक्ट्री से जुड़े गोपनीय दस्तावेज भेजे थे। गोपनीय दस्तावेजों को भेजने के बाद उसे डिलीट कर देता था। यहां वह 509 आर्मी वर्कशॉप के पास मां, पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था। उसके पिता की 2024 में मौत हो चुकी है। रविंद्र कुमार 2009 से चार्जमैन के पद पर आर्डनेंस फैक्ट्री हजरतपुर, फिरोजाबाद में कार्यरत है। वह सुबह आठ बजे घर से निकलता था और रात 10 बजे लौटता था। इंस्टाग्राम पर पुराने गानों पर रील बनाता था। बूंदू कटरा स्थित आवास पर पहुंचे मीडियाकर्मियों से उनकी पत्नी ने कहा कि पुलिस वाले आए थे और मोबाइल चेक करने की बात कहकर साथ ले गए। मीडिया से पति को पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट को गोपनीय जानकारी लीक करने की जानकारी हुई, उन्हें हनी ट्रैप में फंसाया गया वे इस तरह के नहीं हैं।
2024 में फेसबुक से हुई दोस्ती
जुलाई 2024 में फेसबुक से नेहा नाम की आईडी से मैसेज आया कि मुझसे दोस्ती करोगे, इसके बाद दोनों के बीच दोस्ती हो गई। एटीएस की पूछताछ में सामने आया है कि जून जुलाई 2024 में फेसबुक के माध्यम से उसकी पहचान नेहा शर्मा जो कि पाकिस्तानी एजेंट और हैंडलर से हुई.नेहा ने खुद को इसरो से जुड़ा हुआ बताया था। वह उससे अक्सर व्हाटसएप चैटिंग करता था आडियो कॉल और वीडियो कॉल करता था। प्यार मोहब्बत की बातें करता था और मालामाल होने के लालच में अपनी आर्डनेंस फैक्ट्री की गोपनीय जानकारी भेजता था। एटीएस को उसके मोबाइल से एजेंट को भेजे गए गोपनीय दस्तावेज भी मिले हैं। उसके खिलाफा थाना एटीएस लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया गया है।
स्टोर कीपर चंदन के नाम से सेव किया नेहा शर्मा का नंबर
रविंद्र कुमार के मोबाइल में नेहा शर्मा का नंबर चंदन नाम से सेव है, चंदन आर्डिनेंस फैक्ट्री में स्टोर कीपर है। परिजनों को पता न चले इसलिए उसने चंदन नाम से नंबर सेव किया था और घंटों रात में बात करता था। रविंद्र कुमार चार्जमैन है इसलिए स्टोर का काम भी देखता था। वह फैक्ट्री के कई व्हाटस एप ग्रुप पर जुड़ा हुआ था और उस पर गोपनीय दस्तावेज आते थे इन्हें वह नेहा शर्मा को भेज देता था। इसके बाद डिलीट कर देता था।