आगरालीक्स ……आगरा सहित प्रदेश भर में नगर निगम चुनाव को लेकर सरगर्मी शुरू हो गई है, आज कैबिनेट में ओबीसी सर्वे की रिपोर्ट पेश की जाएगी। आगरा में मेयर सहित पार्षदों के आरक्षण में बड़े स्तर पर बदलाव हो सकता है, अप्रैल मई में नगर निगम के चुनाव संभव है।

नगर निगम के चुनाव जनवरी अंत तक होने थे लेकिन आरक्षण का मामला कोर्ट में पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने नगर निकाय चुनाव में पिछड़ो की हिस्सेदारी तय करने के लिए आयोग का गठन करते हुए 31 मार्च तक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था। अवकाश प्राप्त न्यायाधीश राम अवतार सिंह की अध्यक्षता में आयोग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार कर सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है।
नए सिरे से होगा मेयर और अध्यक्षों की सीटों का आरक्षण तय
आगरा में मेयर की सीट अनूसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित की गई थी, इससे पहले यह सामान्य सीट थी। ओबीसी सर्वे की रिपोर्ट के बाद मेयर और अध्यक्षों के आरक्षण में बदलाव हो सकता है।
आगरा में एक भी बार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित नहीं हुई मेयर सीट
1989 सामान्य सीट रमेशकांत लवानियां भाजपा
1995 अनुसूचित जाति महिला बेबीरानी मौर्य भाजपा
2000 अनुसूचित जाति किशोरी लाल माहौर भाजपा
2006 अनुसूचित जाति महिला महिला अंजुला सिंह माहौर भाजपा
2012 अनुसूचित जाति इंद्रजीत आर्य भाजपा
2017 सामान्य नवीन जैन भाजपा
2022 अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित की गई