आगरालीक्स …आगरा में बिल्डर पर बड़ी कार्रवाई, नालंदा टाउन का सीवर खुले में जमीन पर बहाने पर नालंदा बिल्डर्स एंड डवलपर्स पर 2.13 करोड़ का जुर्माना। एक सप्ताह में जमा करनी होगी जुर्माना राशि।
शमसाबाद रोड पर नालंदा टाउन है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी ने 24 मार्च को शमसाबाद रोड स्थित मैसर्स नालंदा टाउन द्वारा एसटीपी बनाए बगैर खुले में सीवजर बहाने के मामले में आदेश किया था। इस मामले में यूपीपीसीबी ने मैसर्स नालंदा बिल्डर्स एंड डवलपर्स के निदेशक राधेध्याम शर्मा के खिलाफ 21398000 करोड़ रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की संस्तुति करते हुए लखनऊ मुख्यालय को 26 अप्रैल प्रेषित की थी।

एक सप्ताह में जमा करनी है धनराशि
इस मामले में यूपीपीसीबी के प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. विश्वनाथ शर्मा का कहना है कि नालंदा बिल्डर्स एंड डवलपर्स पर पर्यावरा को क्षति पहुंचाने पर जुर्माना लगाया गया है। एक सप्ताह में 2.13 करोड़ की जुर्माना धनराशि यूपीपीसीबी के विभूति खंड गोमती नगर लखनऊ स्थित बैंक एकाउंट में जमा करानी होगी।
देवांशु बोस ने दायर की थी याचिका
शमसाबाद रोड स्थित नालंदा टाउन का सीवेज एकता चौकी के पास खुली जमीन पर बहाए जाने के मामले में देवांशु बोस ने एनजीटी में याचिका दायर की थी। इस मामले में एनजीटी ने एडीए, डीएम और यूपीपीसीबी की कमेटी गठित की, कमेटी ने 22 फरवरी 200 को अपनी रिपोर्ट दाखिक करते हुए माना कि मानकों के अनुसार सीवेज का निस्तारण नहीं किया जा रहा है । इस मामले में एडीए पर भी 25 लाख र ुपये का जुर्माना लगाया गया है।