आगरालीक्स…आगरा में दहेज हत्या के मामले में फौजी को दस साल की जेल. यहां का है मामला
आगरा में दहेज हत्या के मामले में कोर्ट ने फौजी को दस साल की सजा सुनाई है. बसई अरेला के शाहपुरा में रहने वाले फौजी प्रमोद कुमार को साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर दोषी पाते हुए दस साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है और 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
ये है पूरा मामला
मामला वर्ष 2011 का है. वादी मुन्नालाल द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार उन्होंने अपनी बेटी अंजू की शादी 17 नवंबर 2011 को बसई अरेला के शाहपुर में रहने वाले फौजी प्रमोद कुमार के साथ की थी. लेकिन ससुराल वाले अतिरिक्त् दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी का उत्पीड़न करने लगे. 2 जनवरी 2013 को प्रमोद कुमार छुट्टी पर घर आए. इसके बाद पति, जेठ ने अंजू से मायके जाकर तीन लाख रुपये लाने की मांग की.

मुन्नालाल के अनुसार 12 जनवरी 2013 की रात को अंजू ने फोन करके मारपीट और रुपये मांगने की जानकारी दी. अगले दिन जब वे वहां पहुंचे तो अंजू मृत मिली. आरोप लगाया कि रात में प्रमोद ने अपने भाई के साथ मिलकर अंजू के गले में रस्सी डालकर फंदा डालकर मार डाला. कोर्ट के आदेश के बाद रिपोर्ट लिखी गई. इस मामले में अभियोजन की सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शशि शर्मा और मोहित पाल ने अपर जिला जज नीरज गौतम ने कोर्ट में 12 गवाह पेश किए. कोर्ट ने फौजी प्रमोद को दोषी पाया और उसे 10 साल की कठोर कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई.