आगरालीक्स…आगरा में मूर्ति विसर्जन के दौरान नदी में डूबे सात युवक अभी भी लापता. सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ पूरी कोशिश में…जेसीबी से पानी की दिशा को किया जा रह परिवर्तित
आगरा के खेरागढ़ स्थित उटंगन नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबे 13 लोगों में से 5 की लाश मिल चुकी है. एक को बचा लिया गया था लेकिन 7 डूबे युवकों का पता नहीं चल पा रहा है. तीसरे दिन भी शनिवार सुबह से नदी में डूबे सातों युवकों की तलाश की जा रही है. रात 8 बजे तक इनका कोई सुराग नहीं लग सका है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ सेना भी तलाश में जुटी है. पूरे प्रयास किए जा रहे हैं, रेस्क्यू जारी है लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी है. अब पानी के बहाव को रोकने के लिए अस्थाई तौर पर व्वस्था की जा रही है. इसके लिए मिट्टी से भरे कट्टे लगाए जा रहे हैं जिससे कि पानी का बहाव एक तरफ से कम हो जाए.
पानी की दिशा को किया जा रहा परिवर्ति
शेष बचे 07 युवकों की तलाश हेतु स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन तथा नगर पंचायत खेरागढ और स्थानीय नागरिकों की मदद से घटनास्थल से करीब 200 मीटर ऊपर से 7 जेसीबी मशीनों द्वारा नाला खोदकर पानी की दिशा को परिवर्तित किया जा रहा है. बांध बनाकर घटनास्थल से पानी के प्रवाह को रोक कर, घटनास्थल से पंप सेटों से पानी निकालने का कार्य किया जा रहा है, ताकि शेष डूबे हुए युवकों को जल्द बाहर निकाला जा सके. सेना की 50 पैरा ब्रिगेड की यूनिट 411 पैरा फील्ड कम्पनी, NDRF, SDRF की टीमें, फ्लड कम्पनी पीएसी की टीमें तथा स्थानीय पुलिस द्वारा स्थानीय गोताखोरों से रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है। शेष डूबे हुए व्यक्तियों के शवों की तलाश हेतु हर संभव प्रयास किया जा रहा है.
ये है पूरा मामला
गुरुवार को विसर्जन के दौरान गांव कुसियापुर डूगरवाला के 13 युवक गहरे पानी में डूब गए थे. एक युवक विष्णु को उसी समय ग्रामीणों ने किसी तरह बचा लिया. इसके बाद यहां अफरातफरी मच गई. सूचना पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. डेढ़ घंटे बाद दो अन्य युवक ओमपाल और गगन के शव नदी से निकाले गए जबकि देर रात एक अन्य किशोर मनोज का शव भी मिल गया. इसके बाद शुक्रवार को दो अन्य युवकों के शव भी गोताखोरों को नदी से मिल गए हैं. अब भी 7 का पता नहीं चल सका है. नदी में उनकी तलाश की जा रही है. हादसे के बाद गांव के लोगों में कोहराम मच गया है. तलाश में पुलिस और प्रशासन के साथ एसडीआरफ भी लगी है.