आगरालीक्स…आगरा चुनाव में प्रत्याशियों को सख्त निर्देश—चुनाव में हुए खर्चे की डिटेल न देंगे तो जमानत की धनराशि भी वापस नहीं दी जाएगी. इतने दिन का दिया समय
मुख्य विकास अधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी ए. मनिकन्डन ने अवगत कराया है कि नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2023 में विभिन्न पदों के प्रत्याशियों से जमा करायी गयी जमानत धनराशि की वापसी के सम्बन्ध में निर्वाचन लड़ने वाले समस्त प्रत्याशियों को निम्नवत् सूचित किया गया है :- निर्वाचन लड़ने वाले किसी भी प्रत्याशी की जमानत की धनराशि तब तक वापस नहीं की जाएगी जब तक उनके द्वारा सम्बन्धित निर्वाचन में किए गए व्यय का विवरण निर्वाचन परिणाम की घोषणा के दिनांक से 03 माह के अन्दर दाखिल न कर दिया गया हो एवं जमानत धनराशि की वापसी का प्रार्थना पत्र भी उक्त 03 माह की अवधि में न दे दिया गया हो। जिन प्रत्याशियों द्वारा निर्धारित अवधि के अन्दर निर्वाचन में व्यय किए गए विवरण के साथ जमानत धनराशि की वापसी का प्रार्थना पत्र नहीं दिया जाता है उनकी जमानत धनराशि जब्त कर ली जाएगी।

निर्वाचन परिणाम की घोषणा के पश्चात् प्रत्याशी द्वारा प्रस्तुत किए गए निर्वाचन व्यय विवरण के परीक्षण में यदि किसी प्रत्याशी द्वारा निर्धारित अधिकतम व्यय सीमा से अधिक धनराशि व्यय की गई पाई जाती है तो उसकी जमानत धनराशि जब्त कर ली जाएगी। उस प्रत्याशी की जमानत की धनराशि वापस नहीं की जाएगी, जिसने मतदान में पड़े कुल वैध मतों के 1/5 अंश से कम मत प्राप्त किए हों किन्तु निर्वाचित घोषित हुए प्रत्याशी पर कुल वैध मतों के 1/5 अंश से कम मत प्राप्त करने का कोई प्रतिबन्ध नहीं होगा। यदि कोई प्रत्याशी एक से अधिक पदों पर चुनाव लड़ा है और वह उन सभी या कुछ पदों पर निर्वाचित घोषित हो गया है अथवा उन सभी पदों के निर्वाचन में अथवा उनमें से कुछ पदों के निर्वाचन में उसे अलग-अलग कुल पड़े वैध मतों के 1/5 अंश या उससे अधिक मत प्राप्त हुए हैं, उस दशा में एक ही जमानत की जमा धनराशि वापस की जाएगी और अन्य जमा जमानत धनराशि / धनराशियाँ जब्त कर ली जाएगी।
उन्होंने बताया है कि यदि कोई प्रत्याशी नाम निर्देशन पत्र खरीदने व जमानत धनराशि जमा करने के पश्चात् नाम निर्देशन पत्र दाखिल ही नहीं करता है या नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने के पश्चात् उसका नाम निर्देशन पत्र निरस्त हो जाता है या निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत वह अपना अभ्यर्थन वापस ले लेता है अथवा अन्य किन्हीं कारणों से उसका नाम निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्याशियों की सूची में नही आता है तो इन सभी दशाओं में प्रत्याशी द्वारा जमा की गई जमानत धनराशि उसे वापस कर दी जाएगी।
यदि कोई प्रत्याशी एक ही पद के लिए निर्धारित जमानत धनराशि एक से अधिक बार जमा कर देता है और वह निर्वाचन घोषित हो जाता है अथवा वह उस पद के लिए पड़े वैध मतों के 1/5 अंश या उससे अधिक मत प्राप्त कर लेता है तो ऐसी स्थिति में उसके द्वारा जमा की गई सभी जमानत की धनराशियाँ उसे वापस कर दी जाएगी, किन्तु ऐसे प्रत्याशी के निर्वाचन में पराजित होने और मतदान में पड़े कुल वैध मतों के 1/5 अंश से कम मत प्राप्त करने पर उसके द्वारा जमा की गई ऐसी समस्त धनराशियों में से केवल एक जमानत धनराशि जब्त हो जाएगी और उसी पद हेतु उसके द्वारा जमा की गई अन्य जमानत धनराशियाँ उसे वापस कर दी जाएगी। यदि मतदान प्रारम्भ होने के पूर्व किसी प्रत्याशी की मृत्यु हो जाती है तो उसके विधिक उत्तराधिकारी को जमानत की धनराशि वापस कर दी जाएगी। इसी प्रकार यदि मतगणना के पश्चात् किसी प्रत्याशी की मृत्यु हो जाती है और वह निर्वाचित घोषित हो जाता है अथवा उसे वैध मतों का 1/5 अंश अथवा उससे अधिक मत प्राप्त हुए हो तो उसके विधिक उत्तराधिकारी को जमानत की धनराशि वापस कर दी जाएगी।
यदि आरक्षित वर्ग के किसी प्रत्याशी द्वारा अनारक्षित वर्ग के प्रत्याशी के लिए निर्धारित धनराशि के बराबर जमानत की धनराशि जमा कर दी गई है तो आरक्षित वर्ग के प्रत्याशी हेतु निर्धारित जमानत की धनराशि से जितनी अधिक धनराशि जमा की गई है वह उसे वापस कर दी जाएगी। जमानत धनराशि की वापसी वित्तीय हस्त पुस्तिका खण्ड-5 के भाग-1 के प्रस्तर- 346 के अन्तर्गत होगी।
उन्होंने आगे यह भी अवगत कराया है कि नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2023 में प्रतिभाग करने वाले समस्त प्रत्याशियों को अपना व्यय विवरण निर्धारित प्रारूप पर निर्वाचन परिणाम की घोषणा के दिनांक से 03 माह के अन्दर दाखिल करना अनिवार्य है।