आगरालीक्स…आगरा में बढ़ने लगा यमुना का बहाव. दिल्ली में 1978 की बाढ़ का रिकॉर्ड टूटा. आगरा में भी आई थी 78 में बाढ़. फोटो देखें और जानें आज यमुना का जलस्तर
दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार गया है. हरियाणा से लगातार पानी छोड़े जाने और बारिश होने के कारण दिल्ली में यमुना रौद्र रूप में प्रवाह हो रही है. दिल्ली में यमुना के जलस्तर ने 45 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. हालात की गंभीरता को देखते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने गृहमंत्री को भी इस संबंध में जानकारी दी है. बुधवार दोपहर दो बजे तक दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 207.55 मीटर तक जा पहुंचा था जो कि 1978 में नदी का जलस्तर 207.49 मीटर तक पहुंचीर थी.
वहीं आगरा में भी धीरे—धीरे यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा है. घाटों पर यमुना खूब बहती हई दिखाई दे रही है. आगरा प्रशासन भी लगातार यमुना जलस्तर पर अपनी नजर बनाए हुए हैं. घाटों पर पर्याप्त मात्रा में पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं. लोगों को यमुना नदी में उतरने से भी रोका जा रहा है. आगरा में यमुना का जलस्तर अभी 485 फीट है. भारी बारिश के चलते हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से तीन लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है. ओखला बैराज नोएडा, गोकुल बैराज मथुरा होते हुए 14 जुलाई तक आगरा पहुंचने की उम्मीद है.

493 फीट तक पहुंचेगा यमुना का स्तर
आगरा में यमुना का जलस्तर 485 फीट है, हथिनी कुंड से आ रहे पानी के चलते 14 जुलाई तक जलस्तर 493 फीट पहुंच सकता है. आगरा में यमुना का बाढ़ का न्यूनतम स्तर 495 फीट है जबकि अधिकतम बाढ़ का निशान 508 फीट पर है. सिचाई विभाग के एक्सईएन शरद सौरभ गिरी का कहना है कि 14 जुलाई तक जलस्तर बढ़ेगा. यमुना के किनारे की कॉलोनियों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जाएगा.
बारिश होने से खतरा बढ़ा
यमुना में जलस्तर बढ़ने के साथ ही बारिश भी हो रही है, इससे खतरा और बढ़ गया है. बारिश होने से यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगेगा.